अपने दोस्त सारस से मिलने Kanpur Zoo पहुंचे आरिफ, पंख खोलकर किया स्वागत, छलक पड़े आसूं, जाने- क्यों
कानपुर चिड़ियाघर में सारस से मिलने पहुंचे आरिफ।
कानपुर चिड़ियाघर में सारस से मिलने के लिए मंगलवार को आरिफ पहुंचे। इस दौर बाड़े में रह रहे सारस ने पंख खोलकर आरिफ का स्वागत किया।
कानपुर, अमृत विचार। अचानक इंसानी दोस्त आरिफ सामने आया तो सारस की खुशी का ठिकाना नहीं था। दोस्त को देख सारस ऐसे उछला जैसे मानों घर का कोई मासूम अपनों को देख कूद पड़ता हो। सारस फड़फड़ाने लगा। उड़ने की कोशिश कर बाड़े से बाहर आने की जिद सी करने लगा। जब यह नहीं हो सका तो बार-बार जाली के पास आकर आरिफ को निहारने और अपनी आवाज में पुकारने लगा। करीब पांच मिनट तक दोनों एक दूसरें को भावुक होकर देखते रहे और फिर जुदा हो गए। सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी के साथ पहुंचे आरिफ ने चिड़ियाघर प्रशासन से सारस को आजाद करने की गुजारिश भी की।
एक बेजुबान पक्षी और इंसानी दोस्त के बीच प्रेम का यह नजारा देख हर कोई दंग था तो चिड़ियाघर स्टाफ के कई कर्मचारी भावुक होते दिखे। ऐसी दोस्ती हो भी क्यों न, आरिफ ने घायल और कमजोर हो चुके राज्यीय पक्षी को सुरक्षित जो किया था। आरिफ बताते हैं कि करीब एक वर्ष पहले खेत पर सारस घायल अवस्था में मिला था। उस वक्त जब दूसर से एक बड़ा पंख जैसा नजर आया तो उसने करीब जाकर इसे देखना चाहा।
एक बड़ा पक्षी खून से लथपथ था और उड़ना तो दूर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। घायल पक्षी की चोट पर उसने दवा लगाई और फिर वहां से उस स्थान पर ले गया, जहां उसको जानवरों से सुरक्षित किया जा सके। उसकी रोज दवा लगाकर उसका इलाज करता। धीरे-धीरे सारस ठीक होने लगा और फिर दौड़ना और उड़ना शुरू हो गया। लेकिन, इस बीच उसे अपने दोस्त आरिफ से इतना स्नेह हो गया कि वह आजाद होने के बावजूद आरिफ को छोड़कर नहीं जाता था।
आरिफ और सारस की दोस्ती की कहानी चर्चा बनने लगी तो राजनीतिक हल्कों में भी यह अद्भुत जानकारी पहुंची। उसके बाद मार्च के पहले सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दोनों की दोस्ती देखने पहुंचे। फिर वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू करते हुए सारस को समसपुर स्थित पक्षी विहार शिफ्ट कर दिया। यहां से 25 मार्च को लखनऊ की टीम ने सारस को कानपुर प्राणी उद्यान में शिफ्ट कर दिया। यहां क्वारंटाइन के बीच सारस से मिलने पहुंचे आरिफ को स्क्रीन के जरिए सारस दिखाया और नौ मार्च को क्वारंटाइन समय पूरा होने के बाद मंगलवार को आरिफ ने अपने दोस्त सारस से मुलाकात की।
जब आया तब गम में नहीं खाता था कुछ
दोस्त से बिछड़कर जब सारस चिड़ियाघर पहुंचा तो गम में उसने खाना पीना भी छोड़ दिया था। इसको लेकर चिड़ियाघर प्रशासन और चिकित्सक बहुत परेशान थे। उसे ऐसा बाड़े में रखा गया, जहां छोटा सा तालाब है। उसमें उसकी पसंदीदा मछली डाली गईं। इंसानी दोस्त के साथ रहने की वजह से वह पका दाना खाता था, इसलिए उसके भोजना में कच्चा और पका खाना दिया गया। जू के मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि सारस अब खा रहा है और स्वस्थ है।
