Unnao News : आत्मदाह के प्रयास में झुलसे बुजुर्ग की लखनऊ में हुई मौत, कलेक्ट्रेट में परिजनों ने किया हंगामा
उन्नाव में कलेक्ट्रेट में शव रखकर परिजनों ने हंगामा किया।
उन्नाव में आत्मदाह के प्रयास में झुलसे बुजुर्ग की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर कलेक्ट्रेट में परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। अधिकारियों ने कार्रवाई करने का भरोसा देकर परिजनों को शांत कराया।
उन्नाव, अमृत विचार। आत्मदाह के प्रयास में झुलसे बुजुर्ग की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब परिजन शव लेकर कलक्ट्रेट के पास पहुंच गए और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने शव को एंबुलेंस से नीचे नहीं उतारने दिया और वहां पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। कार्रवाई का भरोसा दिये जाने पर परिजन शव लेकर वहां से रवाना हुए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
गौरतलब हो कि माखी थानाक्षेत्र के पवई गांव निवासी विजय शंकर अग्निहोत्री का पड़ोसी रमेश उर्फ राजन से पैतृक जमीन को लेकर विवाद था। बीती 12 अप्रैल को रमेश तिवारी पत्नी को मिले प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए नींव भरवा रहे थे। इसकी जानकारी पर पहुंचे विजय शंकर ने निर्माण का विरोध किया जिसको लेकर दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गई। जिसके बाद विजय शंकर ने खुद पर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली। उसे उपचार के लिए पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
यहां हालत गंभीर देख उसे कानपुर हैलट रेफर किया गया। गुरूवार सुबह वहां से उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ भेज दिया गया जहां शाम को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गयी। इस मामले में भाई अरुण कुमार उर्फ भैयालाल ने पुलिस को तहरीर देते हुए पड़ोसी रमेश उर्फ राजन, महेश उर्फ़ नान-नान, रामबाबू व उसकी बहन माया पर मारपीट कर भाई के आग लगाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को हिरासत में भी ले लिया था।
शुक्रवार बाद पोस्टमार्टम परिजन एंबुलेंस से शव लेकर कलक्ट्रेट के बगल स्थित झाड़ी शाह बाबा मजार पर पहुंचे। जहां उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कराए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण की मांग शुरू कर दी। इसकी जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार गुप्ता, सीओ सफीपुर ऋषिकांत शुक्ला, एसओ माखी राम आसरे चौधरी, सदर कोतवाल राजेश पाठक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा देकर परिजनों को शांत कराया। अधिकारियों के भरोसे पर परिजन जब शव लेकर वहां से रवाना हुए तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
