84 कोसी परिक्रमा: साधु-संतों को दवाई, सफाई और पानी की दरकार, जिला प्रशासन पर अव्यवस्था का आरोप
अयोध्या, अमृत विचार। 84 कोसी परिक्रमा करने निकले साधु-संतों को जगह- जगह अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। परिक्रमा के दौरान साधु-संतों को न तो कहीं समुचित पेयजल की सुविधा मिल रही है और न ही दवाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। परिक्रमा कर रहे साधु- संतों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से 84 परिक्रमा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना है कि परिक्रमा पथ खराब होने के कारण पैरों में छाले पड़ रहे हैं। ऐसे हालात में जिला प्रशासन की ओर से दवा की व्यवस्था नहीं कराई गई है, जिसके कारण उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
84 कोसी परिक्रमा प्रमुख व विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह का कहना है 84 कोसी परिक्रमा शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन से बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कहीं कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि परिक्रमा में कई प्रान्तों के साधु-संत परिक्रमा कर रहे हैं। जगह-जगह सड़कों के खराब होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुरेंद्र का आरोप है कि 84 परिक्रमा पथ पर अस्तिकन में सड़क पर बड़ी- बड़ी गिट्टियां पड़ी है, जिसके कारण नंगे पांव परिक्रमा कर रहे साधु-संतों के पैरों में चले पड़ गए है। घायल साधु-संतों के इलाज के लिए दवा आदि की व्यवस्था नहीं कराई गई है। परिक्रमा प्रमुख का कहना है कि सभी साधु-संत संयमित होकर श्री राम का नाम जपते हुए परिक्रमा कर रहे है। उनका कहना है कि परिक्रमा में अयोध्या सहित मध्य प्रदेश, दिल्ली, झारखंड, बिहार, राजस्थान व छत्तीसगढ़ सहित कई प्रान्तों के साधु- संत शामिल है। ऐसे में परिक्रमा के दौरान मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण साधु-संतों में नाराजगी है।
ये भी पढ़ें - निर्माणाधीन अयोध्या-रायबरेली NH बना हादसों का हाइवे, जानिए क्यों यहां जान गंवाते हैं लोग
