दस्तक पखवाड़ा: संचारी रोग के साथ हीट स्ट्रोक के प्रति भी किया जागरूक
साल में तीन बार संचारी रोग माह व पखवाड़े का होता है आयोजन
अमृत विचार, बस्ती। दस्तक पखवाड़े का आगाज सोमवार से हो गया। इस बार के दस्तक पखवाड़ा के तहत चलाए जा रहे अभियान में संचारी रोग के साथ ही हीट स्ट्रोक को भी शामिल किया गया है। आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम घर-घर जाकर लोगों को हीट स्ट्रोक के लक्षण व उनसे बचाव के बारे में बता रही हैं। सोमवार को टीम की ओर से 19 घरों का भ्रमण किया गया।
नगरीय क्षेत्र के रौतापार मोहल्ले की आशा कार्यकर्ता पुष्पलता श्रीवास्तव व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चंद्रप्रभा ने बताया कि भ्रमण के दौरान किसी घर पर पहुंचकर सबसे पहले परिवार के स्वास्थ्य के सम्बंध में जानकारी ली जा रही है। बुखार, टीबी के लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। अगर किसी घर में छोटे बच्चे हैं, तो उस घर पर संचारी रोग की रोकथाम से संबंधित स्टीकर चस्पा किया जा रहा है। इसी के साथ अब परिवार के लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि अगर किसी को लू लगने के कारण शरीर में खिंचाव हो, बुखार हो तो तत्काल करीबी अस्पताल में जाकर दवा कराएं।
जिला मलेरिया अधिकारी आइए अंसारी ने बताया कि साल में तीन बार अप्रैल, जुलाई व अक्टूबर में संचारी रोग माह व दस्तक पखवाड़ा संचालित किया जा रहा है। जिले भर में 2274 टीम सक्रिय हैं। पर्यवेक्षक के रूप में एएनएम व ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों को लगाया गया है। बुखार, टीबी के लक्षण वाले व कुपोषित बच्चों की सूची टीम तैयार करेगी। जांच कराकर उनका इलाज कराया जाएगा। अभियान के जरिए स्वास्थ्य शिक्षा एवं व्यवहार परिवर्तन का संदेश गांव के हर घर व परिवार तक पहुंचाना है। डिप्टी सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि इस समय तापमान सामान्य से अधिक है। फ्रंट लाइन वर्कर्स गर्मी के मौसम से सम्बंधित रोगों के विषय में जनता को जागरूक करेंगे।
तैयार कराई जा रही सूची
- बुखार के रोगियों की सूची
- इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस रोगियों की सूची
- क्षय रोग के लक्षण युक्त रोगियों की सूची
- कुपोषित बच्चों की सूची
- ऐसे मकानों की सूची जहां मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो।
हीट स्ट्रोक में इन बातों का रखें ध्यान-
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहें, प्यास न लगी हो तब भी पानी पीते रहें।
- हल्के रंग के पसीना सोखने वाले हल्के कपड़े पहनें।
- धूप का चश्मा, टोपी, छाता, चप्पल का प्रयोग करें।
- यात्रा करते समय पीने का पानी साथ में जरूर रखें।
- ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थ का उपयोग करें, जिससे शरीर में पानी की कमी न होने पाए।
- हीट स्ट्रोक, हीट रैश के लक्षणों जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि को समय से पहचानें।
- मूर्छा या बीमारी अनुभव करते हैं तो चिकित्सकीय सलाह लें।
- जानवरों को छायादार जगह पर रखें तथा उनके पीने के पानी का प्रबंध करें।
- श्रम साध्य कामों को ठंडे समय में करें।
- गर्भवती महिलाएं व रोगी हीट स्ट्रोक से बचने पर विशेष ध्यान दें।
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