हिमोफीलिया को लेकर आम लोगों में जागरूकता लाना जरूरी : प्रो.एके. त्रिपाठी

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। विश्व हिमोफीलिया दिवस के अवसर पर केजीएमयू स्थित क्लीनिकल हिमैटोलॉजी विभाग में सोमवार को एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में हिमोफीलिया के 60 मरीजों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के चिकित्सक, समाजसेवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभाग के डॉ. एसपी वर्मा ने कहा कि हिमोफीलिया के उपचार में सही जानकारी जनमानस तक पहुंचाने की जरूरत बताई। 

वहीं क्लीनिकल हिमैटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके त्रिपाठी ने कहा कि हिमोफीलिया के मरीजों की समय पर पहचान बेहद जरूरी है। तभी बेहतर इलाज व परिणाम मिल सकते हैं। इसके लिए लोगों को जागरुक रहने की भी सलाह दी। साथ ही उन्होंने बताया कि हिमोफीलिया में सर्जरी एक कठिन कार्य है जोकि पूरे देश में कुछ ही केन्द्रों पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में केवल केजीएमयू में ही हिमोफीलिया के मरीज की सर्जरी की जाती है। अब तक 60 मरीजों की घुटना प्रत्यायोपण, कूल्हा प्रत्यारोपण की सर्जरी की जा चुकी है। इस अवसर पर हिमोफीलिया सोसाइटी, लखनऊ के सेक्रेटरी  विनय मनचंदा ने हिमोफीलिया पर एक वेबसाईट लान्च होने की जानकारी दी।

इस दौरान हिमोफीलिया में सर्जरी में विशेष योगदान करने वाले सर्जरी विभाग के प्रो.सुरेश कुमार, डॉ. फराज अहमद तथा आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. दीपक कुमार पीडिया आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. सुरेश चन्द्र, बाल विभाग के डॉ. निशान्त वर्मा, थोरेसिक विभाग के डॉ. शैलेन्द्र यादव, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. रश्मि कुशवाहा को सम्मानित किया गया। हिमोफीलिया सोसाइटी, लखनऊ के सक्रिय सदस्यों अरूण कुमार द्विवेदी एवं राहुल पाण्डेय को भी सम्मानित किया गया।

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