Chitrakoot: समाजवादी पार्टी में भी नपा अध्यक्ष के टिकट के लिए घमासान, जागेश्वर और मान सिंह के समर्थकों में खींचतान
चित्रकूट में समाजवादी पार्टी में भी नपा अध्यक्ष के टिकट के लिए घमासान।
चित्रकूट में समाजवादी पार्टी में भी नपा अध्यक्ष के टिकट के लिए घमासान। जागेश्वर और मान सिंह के समर्थकों में खींचतान जारी।
चित्रकूट, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी में भी टिकट को लेकर घमासान की स्थिति है। पार्टी के अंदरखाने की मानी जाए तो नगरपालिका अध्यक्ष की टिकट के लिए जागेश्वर प्रसाद यादव और मान सिंह पटेल के समर्थकों में सबसे ज्यादा खींचतान मची है।
समाजवादी पार्टी का पिछले नगर निकाय और जिला पंचायत चुनावों में अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इस बार भी इससे टिकट मांगने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की अच्छी खासी संख्या है। पार्टी के अंदरखाने की मानें तो जो नाम चर्चा में हैं, उनमें जागेश्वर प्रसाद यादव, मानसिंह पटेल, सियाराम गुप्ता, रामनरेश अग्रहरि, पप्पू जायसवाल और रविशंकर सोनी प्रमुख हैं। अगर कुछ अप्रत्याशित न घटा तो इनमें से ही एक सपा का प्रत्याशी होगा।
अंदरखाने की मानें तो पार्टी का जिले में थिंक टैंक यह मानता है कि पटेल बिरादरी का वोट यादवों को नहीं मिलता और इसके अलावा हाल ही में अनुज यादव के बाद यादव बिरादरी से ही एक सपाई को जिलाध्यक्ष बनाने के बाद अब संतुलन कायम करने के लिए पटेल बिरादरी को नपा अध्यक्ष का टिकट दिया जाना चाहिए। हालांकि इन दोनों बिरादरियों से इतर कुछ ऐसे भी सपाई हैं, जो यह कहते हैं कि एमएलए के लिए पटेल बिरादरी के ही दो नेताओं को टिकट मिला था और ऐसे में पटेल और यादव के इतर अन्य समुदाय को टिकट मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि नगर पालिका चुनाव में एक अनुमान के मुताबिक, सात हजार यादव, लगभग आठ हजार पटेल वोटर हैं। इनके अलावा मुस्लिम वोटरों की संख्या लगभग दस हजार है। ऐसे में पार्टी के जिला नेतृत्व को लगता है कि अगर ये सभी एकजुट हो जाएं तो पार्टी प्रत्याशी को जीतने से कोई नहीं रोक सकता। यही गणित पिछली बार नरेंद्र की जीत में कारगर साबित भी हुआ था। अब यही चुनौती जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव के सामने है कि वह किस तरह प्रत्याशी का चयन कराएं कि यह समीकरण न गड़बड़ाए।
जिलाध्यक्ष बदलते ही बदले समीकरण
अनुज यादव के पदच्युत होने और वरिष्ठ नेता शिवशंकर यादव के अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी के समीकरण भी बदल गए। ऐसे में अब यह माना जा रहा है कि टिकट उसी को मिलेगा, जो नए अध्यक्ष का करीबी होगा।
सपा से जीते थे नरेंद्र गुप्ता
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता समाजवादी पार्टी के टिकट से निर्वाचित हुए थे। हालांकि कुछ ही माह बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। तब उनके इस निर्णय की सपाइयों ने भारी आलोचना की थी और यहां तक कहा था कि अपने ऊपर लगे घोटाले के आरोपों से बचने के लिए ही नरेंद्र ने भाजपा ज्वाइन की है। नरेंद्र इस बार भाजपा से टिकटार्थियों की फेहरिस्त में शामिल हैं।
