मुरादाबाद : ऑन डिमांड तमंचा बनाने के खेल का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमरूद के बाग में मैनाठेर पुलिस की छापेमारी में मिली सफलता, 10 वर्ष से मुरादाबाद परिक्षेत्र में करते थे तमंचे का कारोबार

मुरादाबाद, अमृत विचार। ऑन डिमांड तमंचा बनाकर बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दोनों के कब्जे से पुलिस ने एक राइफल, सात तमंचा, तीन अर्धनिर्मित तमंचे के अलावा कारतूस बरामद किए हैं। आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए मैनाठेर पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25,000 रुपये इनाम देने की घोषणा की।

एसपी देहात संदीप कुमार मीणा ने बताया कि मैनाठेर थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार की सुबह सुंदरपुर गांव स्थित अमरूद के एक बाग में छापेमारी की। झाड़ियों में छिपे दो युवक तमंचा बनाने में जुटे थे। छापेमारी की भनक लगते ही दोनों युवक भागने की कोशिश करने लगे। तब घेराबंदी करते हुए दोनों युवकों को पुलिस ने दबोच लिया। मौके पर लोहे गलाने वाली भट्ठी धधकती मिली।

 आरोपियों की पहचान कमल किशोर निवासी ग्राम मिलक चेतरी थाना कुंदरकी व चौधरी सिंह निवासी ग्राम सूरजपुर कल्याण नगलिया थाना मैनाठेर के रूप में हुई। दोनों के कब्जे से एक देसी राइफल, सात तमंचे, तीन अर्धनिर्मित तमंचे पुलिस ने बरामद किए। मौके से 315 व 12 बोर के दो कारतूस के अलावा गैस कटर, लोहा गलाने की भट्ठी, हथोड़ी, रेती समेत अन्य उपकरण बरामद बरामद हुआ। दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

चार से छह हजार रुपये में बेचते थे तमंचा
मुरादाबाद, अमृत विचार। एसपी देहात ने बताया कि कमल किशोर तमंचा बनाने का एक्सपर्ट है। ऑन डिमांड अवैध हथियार बनाकर महज चार से छह हजार रुपये में वह बेचता है। पूछताछ में उसने बताया कि तमंचा बनाने के लिए वह सम्भल से कच्चा माल खरीदता था। वर्ष 2012 में वह पहली बार तमंचे के साथ पकड़ा गया। जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा कभी भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। पूछताछ में कमल ने बताया कि वह अनपढ़ है। चौधरी सिंह तमंचे का सौदा व सप्लाई करता था। रामपुर, सम्भल, मुरादाबाद में रहने वाले कई लोगों को वह तमंचा बेच चुका है। कमल ने तमंचा खरीदने वाले छह से सात लोगों के नाम भी बताए।

ग्राहक बनकर पुलिस ने गिरोह को दबोचा
मुरादाबाद, अमृत विचार। प्रभारी निरीक्षक मैनाठेर मनोज कुमार ने बताया कि तमंचे की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस ने पहले योजना बनाई। मुखबिर ने ऑन डिमांड तमंचे की फैक्ट्री का पता बताया। तब प्रभारी निरीक्षक ने तमंचे की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने की जिम्मेदारी अपने एसएसआई को दी। सादे वर्दी में दो पुलिस कर्मियों ने चौधरी सिंह से मुलाकात की। तमंचे की जरूरत बताते हुए असलहा उपलब्ध कराने की मांग की। आठ हजार रुपये में दो तमंचे खरीदने पर सहमति बनी। तमंचा बनने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। दोनों आरोपियों को मौके से साक्ष्य के साथ पुलिस ने दबोच लिया।

चुनाव में बढ़ी तमंचे की डिमांड
मुरादाबाद, अमृत विचार। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला दावा किया। बताया कि निकाय चुनाव आते ही तमंचे की डिमांड बढ़ गई है। प्रतिमाह दोनों आरोपी 15-20 तमंचा बेच रहे थे। एक तमंचा बनाने में महज चार से पांच सौ रुपये का खर्च आता था। ऐसे में दोनों आरोपी प्रति तमंचा चार से पांच हजार रुपये आसानी से कमा लेते थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तमंचा बनाने के खेल में लिप्त अन्य बदमाशों का सुराग लगाया जा रहा है। सम्भल से कच्चे माल की आपूर्ति करने वालों तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी गई है। मामले में कुछ और आरोपियों के पकड़े जाने की संभावना है।

ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद : सिरफिरे युवकों ने कार सवार कारोबारी को बेरहमी से पीटा, आठ के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट

संबंधित समाचार