मौरावां कांड : फरार आरोपियों के परिजन पहुंचे कलेक्ट्रेट, पुलिस चार आरोपियों को भेज चुकी जेल
उन्नाव में गैंगरेप पीड़िता के घर लगी आग के मामले में सात पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
उन्नाव के मौरावां कांड में गैंगरेप पीड़िता के घर लगी आग के मामले में सात पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस चार आरोपियों को जेल भेज चुकी है। जबकि फरार तीन चल रहे हैं।
उन्नाव, अमृत विचार। गैंगरेप पीड़िता के घर में लगी आग में दो मासूमों के झुलसने के मामले में विपक्षी दलों के सरकार को घेरने के बाद बढ़े दबाव में पुलिस सक्रिय हुई है। पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद आरोपियों में खलबली मच गयी है।
पुलिस पकड़ से दूर चल रहे आरोपियों के परिजन व ग्रामीण शुक्रवार को डीएम व एसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। चर्चा रही कि शुरुआती दौर से मामले में पुलिस की ओर से बरती गई ढिलाई पर पर्दा डालने के लिए योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीणों को मुख्यालय भेजा गया।
बीते सोमवार को मौरावां में गैंगरेप पीड़िता के घर हुए अग्निकांड में पीड़िता का बेटे के साथ उसकी मासूम बहन झुलस गई थी। जिनका उपचार ट्रामा सेंटर लखनऊ में चल रहा है। उधर यह मामला सुर्खियों में आने पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, सपा नेता शिवपाल सिंह यादव, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर प्रदेश सरकार व पुलिस को घेरा है। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने कार्रवाई को अमली जामा पहनाना शुरू किया है।
पीड़िता व उसकी मां का मेडिकल भी पुलिस ने कराया है। इसके अलावा आरोपी पीड़िता के चाचा राजबहादुर, बाबा चंदन, सतीश व सुखदीन को गिरफ्तार किया है। जबकि आरोपियों में रोशन, रंजीत व अमन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इसे लेकर पुलिस का कहना है कि रोशन व रंजीत डेढ़ माह से दिल्ली में हैं। जबकि अमन की लोकेशन त्रिपुरा में मिली है।
पुलिस शुरू से इस घटना से इतर पारिवारिक विवाद बताते हुए कह रही है कि जो वास्तव में घटना के वक्त मौजूद थे उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इसी मामले में फरार चल रहे नामित आरोपियों के परिजनों ने ग्रामीणों के साथ कलक्ट्रेट व एसपी आफिस पहुंचकर ज्ञापन दिया। जिसमें उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए परिजनों को फर्जी फंसाने का आरोप लगाया है। सीओ सिटी आशुतोष कुमार ने बताया कि मौरावां प्रकरण के आरोपियों के परिजन आए थे। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
