सहकारी संघवाद पर बल
देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर का पूरी तरह से कायाकल्प किया जा रहा है। बीते कई वर्षों में भारत में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। हम भारतीय रेल के स्वर्णिम युग की तरफ बढ़ रहे हैं। सड़कों के जाल के मामले में भारत अब अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अब जल मेट्रो, जल परिवहन क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केरल के कोच्चि के आसपास के दस छोटे द्वीपों को जोड़ने वाली देश की पहली जल मेट्रो का उद्घाटन किया। सरकार देश में शहरी परिवहन के मुद्दों को हल करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ‘मेड इन इंडिया’ का समाधान देने की आकांक्षा रखती है।
सेमी-हाई ट्रेन हो, रोपवे या रो-रो सुविधाएं, हर जगह ‘मेड इन इंडिया’ का विकास स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप सुनिश्चित किया जा रहा है। जल मेट्रो परियोजना वास्तव में मेड इन इंडिया है जो बदलते विकसित भारत की तस्वीर पेश करती है। कोच्चि वाटर मेट्रो दुनिया में अपनी तरह की पहली ऐसी मेट्रो है जिसके पास बैटरी से चलने वाली नावों का बड़ा नेटवर्क है। परियोजना के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में भी 44 हजार टन की कमी आने की उम्मीद है।
कोच्चि वाटर मेट्रो भारत में पहली जल मेट्रो प्रणाली है और एशिया में इस आकार की पहली एकीकृत जल परिवहन प्रणाली है। परियोजना की कुल लागत 1,137 करोड़ रुपये है। जर्मन फंडिंग एजेंसी केएफडब्ल्यू और राज्य सरकार ने परियोजना को वित्त पोषित किया। नवंबर 2022 में, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के अधिकारियों ने अपनी ग्रीन वॉयज 2050 परियोजना के एक भाग के रूप में कोच्चि का दौरा किया और कोच्चि जल मेट्रो परियोजना की प्रशंसा की।
देश के विकास के लिए राज्यों का विकास जरूरी है। देश में अभी तक जितनी भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चली हैं उनकी एक विशेषता यह भी है कि वो हमारे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों को भी जोड़ रही है। केरल की पहली वंदे भारत ट्रेन भी नॉर्थ केरल को साउथ केरल से जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर ठीक ही कहा कि केरल का विकास होगा तो भारत का विकास और तेज होगा। परियोजना ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल जल मेट्रो सेवा शहरी आवागमन की अवधारणा को बदल देगी। आशा की जा सकती है कि जल मेट्रो सेवा को अन्य राज्यों में भी विस्तारित किया जाएगा। इससे पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
