Haldwani News: तल्ख तेवर में दिखे कमिश्नर, परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए दैनिक निगरानी के दिये आदेश

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। कमिश्नर दीपक रावत ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की 5 करोड़ से अधिक लागत वाली 65 परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय लचर कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विकास कार्यों की दैनिक निगरानी होनी चाहिए, हैरानी की बात यह है कि निर्देशों के बाद भी अभी इसके लिए कोई मैकेनिज्म नहीं बनाया गया है।

अर्थ संख्या के संयुक्त निदेशक राजेन्द्र तिवारी को पीएमजीएसवाई विभाग के गतिमान कार्यों की दैनिक निगरानी  के लिए प्रारूप तैयार करने, फोटो-वीडियो उपलब्ध कराने केनिर्देश दिए। समय से काम पूरा करने के लिए नियमित निगरानी होनी चाहिए।

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मुख्य अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि ज्यादतर स्थानों पर हार्ड रॉक होने की वजह से कटिंग में देरी हुई और परिजयोजनाएं प्रभावित हुईं। इस पर मंडलायुक्त ने पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, ज्योलीकोट के एसई को हार्ड रॉक कटिंग की मशीन के फोटो, वीडियो मुहैया कराने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि मशीन द्वारा प्रतिदिन की जा रही रॉक कटिंग का अंकन किया जाए। 

कमिश्नर ने सख्त लहजे में कहा कि मार्च से अब तक अनुकूल तापमान होने के बावजूद भी काम में तेजी नहीं आई, इसलिए जरूरी है कि दैनिक प्रगति फोटो और वीडियो सहित निगरानी हो। उन्होंने हर कीमत पर अक्टूबर तक पीसी पूरे करने के निर्देश दिए। 

बैठक में बेतालघाट के नौणा व्यासी 

सिलटोना-बुधलाकोट मोटरमार्ग के अपग्रेडेशन, ओखलकांडा में खनस्यू से रीखाकोट मोटर मार्ग, बेतालघाट में लोहाली से थुवा ब्लाक तक मोटर मार्ग, चौखुटिया के अंतर्गत भगतोला से टिम्टा मोटरमार्ग, भीमताल के अंतर्गत बोहरा गांव से देवीधुरा, स्यूडा से हरीशताल मोटर मार्ग आदि की समीक्षा की। इस दौरान ज्योलीकोट एसई हर्ष कटियार, अल्मोड़ा से आरके सिंह, पिथौरागढ़ से एमएस यादव आदि मौजूद थे। 

पिथौरागढ़ में सड़क बनाने में इस्तेमाल हो रही नैनो तकनीकी

मुख्य अभियंता ने बताया कि पिथौरागढ़ के बेरिंग में थर्प-बडैत-बाफिला 11 किमी लंबे मोटरमार्ग का 6.03 करोड़ से निर्माण हो रहा है। इसमें नैनो तकनीकी का प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीकी में सड़क निर्माण में पत्थर तथा सीमेंट का प्रयोग होता है। इससे रोड की थिकनेस कम हो जाती व गुणवत्ता बनी रहती है। जहां जीएसबी, जी 2 व जी 3 नहीं होता वहां इस तकनीक का प्रयोग होता है। डीडीहाट के अंतर्गत जौलजीबी मदकोट से कौली कन्याल तक 5.83 करोड़ रुपये से 65 मीटर लंबे आरसीसी इंटीग्रल पुल का निर्माण हो रहा है।

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