प्रयागराज: बसपा सांसद अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
प्रयागराज, अमृत विचार। पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को मुख्तार अंसारी के भाई और बसपा सांसद अफजाल अंसारी की दुकानों का नक्शा मांगे जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन मोहम्मदाबाद नगर पालिका ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में नोटिस वापस ले लिया गया है। जिसके बाद इन दुकानों पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर इसकी जानकारी दी है।
मालूम हो कि बसपा सांसद अफजाल अंसारी की दुकानों के नक्शे के मामले में प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे के आधार पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी है। दरअसल अंसारी परिवार के सदस्यों ने नगर पालिका, मोहम्मदाबाद, गाजीपुर द्वारा 35 दुकानों का नक्शा मांगे जाने को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। ये याचिका बसपा सांसद अफजाल अंसारी, उनके बड़े भाई सिगबत उल्लाह अंसारी, चचेरे भाई मंसूर अंसारी और दो बहनों की ओर से दाखिल की गई थी।
दरअसल ये दुकानें 1975 से 1997 के बीच बनीं हैं। जिनके नक्शे को लेकर पहले मोहम्मदाबाद नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया था। अंसारी परिवार की ओर से तर्क दिया गया था कि नगर पालिका को इतनी पुरानी दुकानों का नक्शा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। पिछले 40 वर्षों से मौजूद निर्माणों पर आपत्तिजनक नोटिसों के माध्यम से सवाल उठाए जा रहे हैं जो कानून के किसी भी प्रावधान में नहीं हैं। याची के अधिवक्ता की ओर से आगे कहा गया कि याचियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।
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