बरेली: ताइवान के नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय से रुविवि ने किया एमओयू
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय लगातार देश-विदेश के विश्वविद्यालयों और संथानाओं से समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर रहा है, ताकि नैक समेत अन्य में उसकी रैंकिंग बेहतर रहे। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को भी ताइवान के नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय से एमओयू किया। कुछ दिन पहले नेपाल के विश्वविद्यालय से भी एमओयू किया था। विश्वविद्यालय में 15 मई के आसपास नैक मूल्यांकन के लिए टीम आएगी। राज्यपाल भी दौरा कर सकती हैं।
गुरुवार को कुलपति कार्यालय स्थित सभागार में कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय और नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय ताइवान के मध्य अकादमिक एवं शोध संबंधी गतिविधिओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन किया गया। एमओयू पर कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार और प्रो. शिन लियांग चंग, निदेशक नेशनल फार्मोंसा विश्वविद्यालय ने हस्ताक्षर किए। प्रो. पीटर चेन, निदेशक ताइवान इकोनॉमिक एवं कल्चरल केंद्र, ताइवान दूतावास नई दिल्ली और प्रो. ली- वेई चेन, उपाध्यक्ष ( इंटरनेशनल अफेयर) नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय ताइवान ऑनलाइन उपस्थिति रहे। विश्वविद्यालय में ताइवान से आईं मंदेरियन भाषा की शिक्षिका प्रो. चुआन चिह हुआंग नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि के रूप में उपस्थिति रहीं ।
इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य शिक्षण, अनुसंधान, शोध या कार्यक्रम विकास के उद्देश्य से प्रोफेसर, अनुसंधान कर्मियों और छात्रों की प्रतिनियुक्ति है। इसके अलावा प्रकाशन, वैज्ञानिक सामग्री, विद्वानों के पत्र और अनुसंधान जानकारी का आदान-प्रदान, सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रमों का विकास, संयुक्त प्रकाशन सेमिनार और सम्मेलनों की बैठक करना है। नेशनल फार्मोसा विश्वविद्यालय में एमजेपीआरयू के संकाय सदस्यों और छात्रों का दौरा भी होगा। विश्वविद्यालय के अकादमिक संकायाध्यक्ष प्रो. एसके पाण्डेय, डॉ. यतेन्द्र कुमार, प्रो संजय मिश्रा, प्रो. शोभना सिंह, प्रो. सर्वजीत सिंह बेदी, प्रो अशोक कुमार सिंह, डॉ अनीता त्यागी, प्रो विजय यादव, डॉ. अतुल कटियार, सुधाकर मौर्य, महेश जोशी, नरेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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