अयोध्या : 84 कोसी परिक्रमा कर लौटा संतों का जत्था, जिला प्रशासन को सुनाई खरी-खोटी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बोले- 14 किलोमीटर तक कंक्रीट पथ पर चलना पड़ा, मूकदर्शन बना रहा प्रशासन 

अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी परिक्रमा पर निकले संतों की टोली शुक्रवार सुबह अयोध्या पहुंची। जहां सरयू नदी का पूजन कर बड़ी संख्या में साधु-संतों ने राम जन्मभूमि परिसर की परिक्रमा कर इस यात्रा का समापन किया। 23 दिन की परिक्रमा के दौरान परिक्रमार्थियों ने 5 जनपद और 110 गांव से होकर गुजरने वाली दर्जनों स्थानों पर अपना पड़ाव बनाते हुए इस यात्रा को पूरा किया।

परिक्रमा 6 अप्रैल को अयोध्या से हनुमान मंडल के नेतृत्व में रवाना हुई थी। यात्रा के समापन से पहले संतों ने निर्माणाधीन भगवान राम के मंदिर की परिक्रमा की। परिक्रमा यात्रा प्रभारी सुरेंद्र कुमार बताते हैं कि 6 अप्रैल को मखौड़ा धाम से पदयात्रा के रूप में चलकर अनेकों धर्म स्थलों से होते हुए गुरुवार को मखौड़ा धाम पहुंचे थे। जहां पर पूजन के बाद सरयू घाट के किनारे स्थित कटरा कुटी में रात्रि विश्राम कर सुबह हम लोग अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने अयोध्या प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि परिक्रमार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। 14 किलोमीटर तक सभी परिक्रमार्थियों को कंकरीट पथ पर चलना पड़ा, जबकि जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस मार्ग को ठीक करने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई।

यात्रा मार्ग के लिए 84 अरब रुपये हुए पास 

वहीं भाजपा के पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने कहा कि अयोध्या के साधु संतों और विश्व हिंदू परिषद की देन है कि आज 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए केंद्र सरकार ने संज्ञान में लेते हुए 84 अरब रुपए पास किया है, जिसमें 156 गांव जुड़ेंगे। यह भारत की ही नहीं विश्व की पहली 45 मीटर चौड़ी बनने वाला यात्रा मार्ग होगा।

यह भी पढ़ें : अयोध्या : इलाके में फैली बदबू, आश्रम से पांच दिन पुराना शव बरामद

संबंधित समाचार