Nikay Chunav: Kanpur में 40 प्रतिशत मतदाता विकास के आधार पर देंगे वोट, अमृत विचार ने सभी वार्डों में की पड़ताल, जानें…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

UP Nikay Chunav 2023 कानपुर में 40 प्रतिशत मतदाता विकास के आधार पर वोट देंगे।

UP Nikay Chunav 2023 कानपुर में 40 प्रतिशत मतदाता विकास के आधार पर वोट देंगे। अमृत विचार ने कानपुर नगर के सभी 110 वार्डों तक जाकर एक हजार से अधिक मतदाताओं से बात की। सिर्फ 23 प्रतिशत मतदाता पार्टी के आधार पर अपना पार्षद चुनेंगे। 24 प्रतिशत मतदाताओं का पार्षद चयन का पैमाना प्रत्याशी होंगे। 13 प्रतिशत मतदाता अभी भी वोट देने पर अनिर्णय की स्थिति में है।

कानपुर, अमृत विचार। UP Nikay Chunav 2023 नगर निगम चुनाव प्रक्रिया में शुक्रवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित हो गए। अब शनिवार से सभी वार्डों में पार्षद प्रत्याशी घर-घर जाकर वोट मांगने की मशक्कत में जुट जाएंगे। इस बीच अमृत विचार ने कानपुर नगर के सभी 110 वार्डों तक जाकर एक हजार से अधिक मतदाताओं से बात की। इस दौरान 40 प्रतिशत मतदाताओं ने विकास के आधार पर वोट देने की बात कही।

नगर निगम चुनाव अभियान धीरे-धीरे तेजी पकड़ रहा है। शुक्रवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिये गए। देर शाम प्रत्याशियों ने अपने चुनाव चिह्नों के साथ प्रचार भी शुरू कर दिया। 11 मई को कानपुर नगर में मतदान होना है और नौ मई तक प्रचार अभियान चलना है। अगले 11 दिन प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करेंगे और मतदाता भी अपना फैसला लेंगे।

इस बीच अमृत विचार ने कानपुर नगर निगम के सभी 110 वार्डों में जाकर मतदाताओं का मन टटोला। अमृत विचार की टीम ने एक हजार से अधिक मतदाताओं से बात की और उनसे पूछा कि उनके वोट देने का आधार क्या होगा। इसके लिए तीन विकल्प थे कि वे पार्टी के आधार पर वोट देंगे, प्रत्याशी के आधार पर वोट देंगे या फिर विकास को वोट का आधार बनाएंगे। मतदाताओं ने खुल कर अपनी राय रखी, किन्तु कुछ मतदाता अभी तक अनिर्णय की स्थिति में हैं।

कानपुर नगर निगम के मतदाताओं से बातचीत के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि यहां विकास ही सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाला है। 40 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि वे विकास को आधार बनाकर वोट देंगे। हालांकि वार्ड-दर-वार्ड यह आंकड़ा बदल रहा था। कुछ वार्डों में तो 53 प्रतिशत मतदाता तक विकास के आधार पर वोट देने की बात कर रहे थे, वहीं कुछ में सिर्फ 31 प्रतिशत मतदाताओं के वोट देने का आधार विकास था।

मतदान के दौरान विकास के बाद प्रत्याशी का चेहरा बड़ा आधार बनने वाला है। औसतन 24 प्रतिशत मतदाताओं ने प्रत्याशी को देखकर मतदान की बात कही। यहां भी कुछ वार्डों में 33 प्रतिशत तक मतदाता प्रत्याशी को देखकर वोट देने की बात कर रहे थे, वहीं कुछ में 13 प्रतिशत मतदाताओं ने ही मतदान का आधार प्रत्याशी को बनाने की बात कही।

पार्षद चुनते समय पार्टी ही सबसे बड़ा आधार नहीं

नगर निगम चुनाव पार्टी के टिकट पर लड़ा जाता है। राजनीतिक दलों के बीच इसे लेकर खासी खींचतान भी चलती है। पार्टी का टिकट पाने के लिए मारामारी भी होती है। मतदाताओं से बातचीत में साफ पता चला कि महापौर के लिए मतदान के समय तो पार्टी देखी जाएगी, किन्तु पार्षद चुनते समय पार्टी सबसे बड़ा आधार नहीं होगी। सिर्फ 23 प्रतिशत मतदाताओं ने ही पार्टी के आधार पर अपने पार्षद का चुनाव करने की बात कही।

हालांकि कुछ वार्डों में 34 प्रतिशत तक मतदाता पार्टी को देखकर वोट डालने की बात कर रहे थे, किन्तु कुछ वार्डों में महज 12 प्रतिशत मतदाताओं ने ही पार्टी देखकर वोट डालने की बात कही। चुनावी जागरूकता के तमाम प्रयासों के बीच 13 प्रतिशत मतदाता अभी तय नहीं कर पाए हैं कि वे किस आधार पर वोट देंगे। कुछ वार्डों में तो 24 प्रतिशत तक मतदाता अनिर्णय की स्थिति में दिखे, वहीं कुछ वार्डों में महज तीन से पांच प्रतिशत मतदाता ही अभी अपने वोट का आधार नहीं तय कर सके हैं।

संबंधित समाचार