महाराष्ट्र में इमारत गिरी: 20 घंटे बाद एक व्यक्ति को निकाला गया, 4 लोगों की मृत्यु, तलाश अभियान जारी
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में दो मंजिला इमारत गिरने के 20 घंटे बाद रविवार सुबह 38 वर्षीय एक व्यक्ति को मलबे से निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ठाणे नगर निगम का कहना है कि ठाणे के भिवंडी में हुए हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। बचाव कार्य अभी भी जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वलपाड़ा स्थित वर्धमान कंपाउंड में शनिवार अपराह्न करीब पौने दो बजे ढही इमारत के मलबे में अब भी नौ लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि खोज और बचाव अभियान अब भी जारी है। नारपोली थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मदन बल्लाल ने बताया कि सुनील पीसा (38) नाम के एक व्यक्ति को रविवार सुबह करीब आठ बजे मलबे से निकाला गया और उसे भिवंडी के इंदिरा गांधी अस्पताल (आईजीएम) अस्पताल ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इस घटना में घायल होने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना को ‘‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और शनिवार देर रात भिवंडी के आईजीए) अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने के बाद दुर्घटनास्थल का दौरा किया। भिवंडी के पुलिस उपायुक्त नवनाथ धावले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इमारत के मालिक इंद्रपाल पाटिल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख अविनाश सावंत ने बताया कि इमारत के भूतल और पहली मंजिल पर गोदाम थे, जबकि ऊपरी मंजिल पर चार परिवार रहते थे। जब ढांचा गिरा तो कुछ मजदूर भूतल पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि गोदाम में सामान लाने और वहां से सामान ले जाने के लिए आए एक कंटेनर व दो टेंपो भी मलबे में दब गए। सावंत ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम एवं दमकलकर्मियों समेत विभिन्न एजेंसी के कर्मी बचाव अभियान में जुटे हैं।
नगर निकाय के एक अधिकारी के अनुसार, इमारत लगभग 10 साल पुरानी थी और यह हाल में इसके ऊपर लगाए गए एक मोबाइल टॉवर का भार संभवत: नहीं उठा सकी। मुख्यमंत्री शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ठाणे जिलाधिकारी अशोक शिंगारे और अन्य अधिकारियों को जिले में ‘सबसे खतरनाक’ घोषित इमारतों का तुरंत सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने आगामी मानसून के मद्देनजर अधिकारियों को ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री शिंदे ने आईजीएम अस्पताल में दो नाबालिग भाइयों - प्रेम रविकुमार महंतो (सात) और प्रिंस रविकुमार महंतो (पांच) सहित घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। दोनों नाबालिगों ने इस घटना में अपनी मां ललिता देवी (26) को खो दिया। उन्होंने दोनों भाइयों को सांत्वना दी और उनसे कहा ‘‘हम यहां आपके साथ हैं।’’
शिंदे ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, जबकि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। भिवंडी नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि नारपोली पुलिस घटना की जांच कर रही है।
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