अयोध्या: एक नहीं कई बड़ी समस्याओं से घिरी है यह नगर पंचायत, न रेलवे फाटक ही बन सका, न तमसा नदी पर पुल
पूराबाजार/अयोध्या,अमृत विचार। अयोध्या - प्रयागराज हाइवे पर बसी नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा एक नहीं कई समस्याओं से घिरी है। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा या फिर नगरीय निकाय। हर चुनाव में मुद्दों की गूंज तो होती है लेकिन समाधान नहीं। यही कारण है कि रेलवे फाटक से लेकर तमसा नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा इस बार भी चुनावी फिजा में है। मतदाता कहते हैं प्रत्याशी पहले मुद्दे पर बात करें फिर वोट मांगे। नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा पिछड़ी वर्ग के लिए आरक्षित है। अब 10 नई ग्राम पंचायतें भी जुड़ गई है। जिससे यहां मतदाताओं की संख्या 29035 हो गई है।
मुद्दा एक - सबसे बड़ी समस्या नैपुरा गांव के पास अयोध्या प्रयागराज रेलवे लाइन पर फाटक के ना होने की है। जिसके चलते आधा दर्जन गांव के लोगों को 15 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है। विगत लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी हुआ लेकिन अभी तक सब सिफर है।
मुद्दा दो - तमसा नदी पर पुल के निर्माण की मांग कई वर्षों से चल रही है लेकिन अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो सका। जबकि यह बाजार की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुद्दा तीन - भदरसा बाजार में जाम की बड़ी समस्या है। एक चार पहिया के बाद दूसरा वाहन पास नहीं हो पाता। जाम के चलते घंटों लोगों को परे होती है। इससे निजात की मांग कई बार उठी।
मुद्दा चार - नगर पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य से संबंधित कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नए परिसीमन में आए गांव कैल केशवपुर में एक पीएचसी है तो यहां स्टाफ कर्मचारी नदारद रहता हैं। लोगों को जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
मुद्दा पांच - क्षेत्र में शिक्षा की दृष्टि से कोई डिग्री कॉलेज नहीं। यहां के बच्चों को प्राइवेट स्कूल के अलावा दूसरा कोई सहारा नहीं। डिग्री कालेज का मामला गत चुनाव में भी उठा था। इसके अलावा तपस्वी भरत जी की नंदीग्राम भी अब नगर पंचायत में जुड़ गई है। जिसके सर्वागीण विकास की मांग भी है।
क्या कहते हैं भरतकुंड भदरसा के मतदाता-
- नैपुरा गांव के मनोज निषाद और अश्वनी निषाद कहते हैं कि अब तक ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान किया लेकिन एक रेलवे फाटक किसी ने नहीं बनवाया। अब चेयरमैन चुनने की बारी आई है। प्रत्याशियों से जवाब चाहिए कि फाटक का निर्माण कब होगा। फाटक का जो निर्माण करायेगा उसी को मतदान किया जाएगा।
- नगर पंचायत में शामिल गांव कल्याण भदरसा के अरविंद सिंह पंकज कहते हैं कि क्षेत्र की में उच्च शिक्षा से लेकर माध्यमिक शिक्षा के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यहां के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। जहां फीस के नाम पर लूट होती है।
- मनोज गुप्ता बताते हैं कि भदरसा बाजार में जाम की बड़ी समस्या है। जिसका निराकरण अब तक के चेयरमैन ने नहीं किया। अब चेयरमैन चुनने से पहले जाम की समस्या के निराकरण के संबंध में बात होगी तब मतदान किया जाएगा।
- नगर पंचायत क्षेत्र के निवासी साहबान बताते हैं कि क्षेत्र में अब तक कोई स्वास्थ्य की सरकारी व्यवस्था नहीं थी। नगर पंचायत में शामिल कैल केशवपुर में पीएससी है लेकिन बदहाल है रहती है।
- नगर पंचायत क्षेत्र के नंदीग्राम निवासी अंजनी कुमार पांडे कहते हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के अनुज तपस्वी भरत जी की तपोअस्थली का सर्वांगीण विकास कराने वाला ही चेयरमैन होना चाहिए।
15 किलोमीटर घूम कर जाते हैं आठ गांवों के लोग
नैपुरा के गांव के पास अयोध्या प्रयागराज रेलवे लाइन पर क्रॉसिंग का फाटक ना होने से नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा में शामिल गांव नैपुरा, गुन्नू पुरवा, बेगमपुर, दोस्तपुर, मिर्जापुर, निमोली, पिपरा ताल, दक्षिण टोला भदरसा बाहर सहित 8 गांव के लोगों को 15 किलोमीटर घूम कर गांव जाना पड़ता है। केवल पैदल लोग ही रेलवे क्रॉसिंग क्रॉस करते हैं। रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने पिछले लोकसभा चुनाव में बहिष्कार का आन्दोलन चलाया था।
यह भी पढ़ें:-WFI प्रमुख बृजभूषण सिंह का आरोप: कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा और बजरंग पुनिया ने रची साजिश, किया यह बड़ा दावा
