अयोध्या: पशु अस्पतालों को खुद है इलाज की दरकार
अमृत विचार, अयोध्या। पशुओं के बेहतर इलाज के लिए जनपद में बने राजकीय पशु चिकित्सालयों का हाल बहुत खराब है। ज्यादातर अस्पताल कर्मचारियों की कमी के चलते प्रभावित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा पशु पालकों को भुगतना पड़ रहा है। जनपद के तहसील और ब्लाक स्तर पर स्थापित पशु अस्पतालों के भवनों की दशा भी ठीक नहीं है। अधिकतर भवन जर्जर हो चुके हैं। बताते हैं कि बीते पांच सालों में कोई नया पशु अस्पताल नहीं बन सका है।
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड में संचालित पांच पशु चिकित्सालयों सोहावल, ड्योढ़ी बाजार, करेरु, महोली व सारंगापुर में चिकित्सकों की कमी तो नहीं हैं, लेकिन फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के अभाव में व्यवस्था बेपटरी हो गई है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि सभी चिकित्सालयों में दो की अपेक्षा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही नियुक्त है जबकि चार अस्पतालों में फार्मासिस्ट की जगह रिक्त है।
पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक में संचालित पशु चिकित्सालय गंगौली एक साल से प्रभारी विहीन है। फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल चलाया जा रहा है। पूरा बाजार में 2 वर्षों से फार्मासिस्ट नहीं है। पशु चिकित्सा अधिकारी पूरा बाजार डॉ. संजय कुमार यादव ने बताया कि दो वर्ष से फार्मासिस्ट की नियुक्ति नहीं हुई है। तारुन प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक में संचालित दो पशु चिकित्सलयों तारुन व हैदरगंज में फार्मासिस्ट की तैनाती न होने से पशुपालकों को झंझावतों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक लालमणि प्रसाद ने बताया की अकेले सारा काम देखना पड़ता है।
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मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक में संचालित छह पशु चिकित्सालयों में मात्र दो फार्मासिस्ट व पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ही तैनाती है। तहसील क्षेत्र के छह पशु चिकित्सालय बारुन, हैरिंग्टनगंज, आनंद नगर भिटारी, अमानीगंज, खंडासा व मिल्कीपुर पर एक-एक फार्मासिस्ट तथा दो-दो चतुर्थ कर्मियों का पद सृजित हैं, जिनमें से चार पशु चिकित्सालय बारुन, हैरिंग्टनगंज, आनंदनगर भिटारी व अमानीगंज बगैर फार्मासिस्ट के संचालित हो रहा है। वही मिल्कीपुर तथा खंडासा पर फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है। छह पशु चिकित्सालय पर 12 चतुर्थ कर्मियों का पद सृजित है, जिसमें मात्र छह कर्मियों की तैनाती है। वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सालय मिल्कीपुर पर तैनात उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्री कृष्ण का दिसंबर 2022 को इटावा स्थानांतरण होने के बाद से वहां का प्रभार पशु चिकित्सा अधिकारी हैरिंग्टनगज डॉ. विवेक कुमार शुक्ला को सौंप दिया गया।
सहायक स्टाफ के सहारे चल रहे राजकीय पशु चिकित्सालय
मवई प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक में दो राजकीय पशु चिकित्सालय है, जिसमें राजकीय पशु चिकित्सालय मवई में चार स्टॉफ कार्यरत हैं। दूसरा राजकीय पशु चिकित्सालय बाबाबाजार में स्थित है, यहां पर फार्मासिस्ट व सहायक कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई है, जिससे आए दिन अस्पताल बंद ही रहता है। एक ही डॉक्टर के सहारे 4 गौशाला का कार्यभार रहता है। बाबाबाजार में तैनात डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि हमारे पास रुदौली का अतिरिक्त चार्ज रहता है, बनी में स्टाफ की कमी है। हमारे यहां प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा कार्य कराया जाता है।
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