अखिलेश की सपा में कोई ऐसा नहीं जो बीजेपी को हराने व टक्कर देने की बुद्धि रखे...
पीलीभीत, अमृत विचार। नगर निकाय चुनाव को आगामी लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल मानकर दमखम के दावे कर रही समाजवादी पार्टी में बगावत थम नहीं रही है। चुनावी माहौल के बीच उथल-पुथल मची हुई है। अब अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सैयद इमरान अली साबरी ने पार्टी छोड़ दी।
उन्होंने इस्तीफा तो देने के साथ ही सपा में अल्पसंख्यकों को सम्मान न मिलने की बात कहकर चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। हालांकि जिलाध्यक्ष ने इस नाम के किसी सक्रिय कार्यकर्ता के संज्ञान में न होने की बात कही है। वहीं, इस्तीफे में कही गई बात को भी गलत बताया है।
पूरनुपर के मोहल्ला रजागंज के निवासी सैयद इमरान अली साबरी की ओर से अपने पैड पर एक इस्तीफा दिया गया। जिसमें खुद को समाजवादी अल्पसंख्यक सभा का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बताया गया। यह लिखा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। जिसमें लिखा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर साइलेंट रूप से कार्य किया।
जुलाई 2021 में ही बता दिया था कि पीलीभीत जनपद की सपा की चारों सीट हार जाएंगी। विधानसभा चुनाव से तीन माह पहले प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को भी धरातल की स्थिति से अवगत कराया गया था। यह दावा किया कि उनके पास इसकी रिकार्डिंग भी हैं। उसके बाद भी उनका उत्पीड़न किया गया। इस्तीफे में अल्पसंख्यक समाज की अनदेखी का आरोप लगाया। यह भी अपील की गई है कि मुस्लिम भाई सपा की गुलामी छोड़ दें...कुछ उचित सोचें।
यह भी लिखा कि सपा की पीलीभीत जिला कमेटी तो एक मजाक बन गई है। इतना ही नहीं उन्होंने इस्तीफे में यह भी लिखा कि अखिलेश यादव की पूरी समाजवादी पार्टी में कोई ऐसा व्यक्ति जन्मा ही नहीं है, जो बीजेपी को हराने व टक्कर देने की बुद्धि रखता हो। फिलहाल, इस इस्तीफे के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खलबली मच गई है।
जिलाध्यक्ष बोले- कोई फर्जी होगा, अल्पसंख्यक को सपा में पूरा सम्मान
इस इस्तीफे के सामने आने के बाद जब समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस नाम के किसी भी सक्रिय कार्यकर्ता को वह नहीं जानते। हो कसता है कोई फर्जी हो। रही बात अल्पसंख्यक समाज से छलावा और सम्मान न देने की...तो यह पूरी तरह से गलत है। समाजवादी पार्टी ने सबसे अधिक टिकट चुनाव में अल्पसंख्यक समाज के लोगों को दिए हैं। जिलाध्यक्ष भी अलपसंख्यक समाज से ही है।
ये भी पढ़ें : नमकीन खरीदने गई नाबालिग आखिर क्यों नहीं लौटी घर...जानें पूरा मामला
