Chitrakoot: शराब पिलाने के बाद भाई ने की थी हत्या, मृतक की पत्नी से अवैध संबंध बना हत्या की वजह, दोनों गिरफ्तार
चित्रकूट में अवैध संबंध में पत्नी और भाई ने की थी छोटू की हत्या।
चित्रकूट में अवैध संबंध में पत्नी और भाई ने की थी छोटू की हत्या। पुलिस अधीक्षक ने हत्या की वारदात का खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चित्रकूट, अमृत विचार। कर्वी कोतवाली अंतर्गत लौढ़िया खुर्द गांव में युवक आलोक पटेल उर्फ छोटू की हत्या उसकी ही पत्नी ने अपने देवर के साथ मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच अवैध संबंध थे और इसी वजह से दोनों ने आलोक को मारने की साजिश रची।
लौढ़िया खुर्द में हुई इस सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज चौबीस घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। गौरतलब है कि 29 अप्रैल की रात छोटू का लहूलुहान शव खेत जाने वाले रास्ते पर मिला था। इस संबंध में मृतक के रिश्तेदार हरिश्चंद्र ने अज्ञात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी ने सोमवार को इस हत्याकांड के खुलासे के संबंध में पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिथलेश मृतक आलोक का छोटा भाई है। उसका अपनी भाभी और आलोक की पत्नी सावित्री से अवैध संबंध था। ऐसे में दोनों साथ रहना चाहते थे और दोनों ने मिलकर आलोक को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
लिवा जाने के बहाने बुलाया
पुलिस के मुताबिक, मिथलेश, जो रायपुर (छत्तीसगढ़) में मजदूरी करता था, ने अपने भाई आलोक को गांव आने पर घर लिवा जाने के लिए बुलाया। इस पर आलोक साइकिल से भाई को लिवाने निकला। रास्ते में खेत वाले डेरे में दोनों ने मिलकर शराब पी और नशे में होने पर जब आलोक सुधबुध खो बैठा तो मिथलेश ने डंडे से उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद वह घर न जाकर फरार हो गया।
घर में न मिलने पर हुआ शक
बताया जाता है कि जब छोटू की हत्या के बाद घर में सभी लोग मौजूद रहे पर मिथलेश कहीं नहीं नजर आया तो पुलिस का शक उस पर हो गया। बाद में पत्नी के हावभाव और कुछ अन्य बातों ने भी शक को पुख्ता किया।
घर नहीं आया और लौट गया था मिथलेश
पुलिस ने मिथलेश के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की तो वह गांव की निकली। घर में उसके आने की जानकारी सिर्फ सावित्री और आलोक को ही थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या करने के बाद मिथलेश वापस रायपुर जाने को लौट गया। मोबाइल से लोकेशन ट्रेस करने के बाद उसके हत्याकांड में शामिल होने की पुष्टि हो गई। बाद में सतना के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पत्नी ने की बरगलाने की कोशिश
पति की हत्यारोपी सावित्री ने हालांकि लोगों को बरगलाने की भरपूर कोशिश की। हत्या के बाद वह पति की याद में बार बार बेहोश होने का अभिनय कर रही थी और बच्चों को कैसे पालेगी, कहकर रो पड़ती थी। इससे लोगों का शक उस पर नहीं गया। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो लोग सन्न रह गए। मिथलेश पर पुलिस को तब शक हुआ, जब वह भाई की मौत के बाद भी घर नहीं पहुंचा।
टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
महज चौबीस घंटे के अंदर घटना का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की। आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गुलाब त्रिपाठी के साथ निरीक्षक अपराध अजीत कुमार पांडेय, उप निरीक्षक श्याम देव सिंह, मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार, आरक्षी पीयूष शरण श्रीवास्तव, बहोरन सिंह और गोलू भार्गव शामिल रहे।
