मुरादाबाद: रेलवे में मनचाही जगह पर नौकरी कर सकेंगे दिव्यांग कर्मचारी
रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को जारी किया पत्र, दिव्यांगों की देखभाल करने वाले कर्मचारी का भी नहीं होगा तबादला, दिव्यांग कर्मचारी को पंसद का भी मिलेगा विभाग, ऐसे कर्मियों को उपेक्षित करने की मिल रही थीं शिकायतें
मुरादाबाद, अमृत विचार। रेलवे में अब दिव्यांग कर्मचारी अपनी मर्जी के स्थान व विभाग में काम सकेंगे। इसके अलावा दिव्यांगों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों का बार-बार तबादला नहीं होगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड की ओर पत्र जारी किया गया है।रेलवे प्रशासन दिव्यांगों को लेकर काफी गंभीर है।
कोरोना के बाद रेलवे ने अधिकतर रियायती टिकट की व्यवस्था बंद कर दी, लेकिन दिव्यांगों को रियायती टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रेलवे अधिकारी दिव्यांग कर्मचारियों को ऐसे स्थान पर तैनात कर देते हैं, जहां कोई काम नहीं होता है। एकांत में बैठने व कोई काम नहीं होने से वह अपने आपको उपेक्षित महसूस करते हैं। रेलवे बोर्ड तक इस प्रकार की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं।
इसके अलावा रेलवे कर्मचारी जो दिव्यांग संतान, माता-पिता या अन्य स्वजन की देखभाल करते हैं, उनका तीन साल में तबादला कर दिया जाता है। जिससे उनकी देखभाल कठिन हो जाती है। बोर्ड ने इस व्यवस्था में सुधार करने के लिए आदेश जारी किया है। पिछले दिनों बोर्ड के उप निदेशक (एन) संजय कुमार ने पत्र जारी किया है।
जिसमें कहा है कि दिव्यांग रेल कर्मचारियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम करें। ऐसे कर्मचारी को उनकी मर्जी वाले विभाग व स्थान पर तैनाती दी जाए, संभव हो तो उसके सहयोग के लिए किसी अन्य कर्मचारी को भी तैनात किया जाए। इसके साथ ही अकेले चलने में असमर्थ दिव्यांग कर्मचारी को ट्रेन में सफर करने पर उसके सहयोगी को भी निशुल्क पास देने का आदेश दिया है।
पत्र में सभी जोन के महाप्रबंधक को कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी दिव्यांग संतान, माता-पिता या अन्य स्वजन की देखभाल करता है और उसी पर आश्रित है तो ऐसे कर्मी का तबादला नहीं किया जाए। उन्हे दिव्यांग की सेवा व देखभाल करने का प्रमाण पत्र देना होगा। सभी जोन में इस आदेश को सख्ती से लागू कराने को कहा गया है।
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