कोल इंडिया का उत्पादन अप्रैल में 7.7 प्रतिशत बढ़कर 5.76 करोड़ टन पर

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया लि. (सीआईएल) के कोयला उत्पादन में अप्रैल में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कोल इंडिया की विभिन्न उपयोगकर्ताओं को कोयले की आपूर्ति भी बेहतर रही है। कोल इंडिया ने मंगलवार को बयान में कहा कि उसने अप्रैल में ‘ओवरबर्डन रिमूवल’ (ओबीआर) यानी में एक साल पहले के इसी महीने की तुलना में 31 प्रतिशत की प्रभावी वृद्धि दर्ज की है। कोयला खानों से कोयला निकालने में जब मिट्टी और पत्थर की परतें हटाने की जरूरत पड़ती है, तो इसे ओबीआर कहा जाता है। ओबीआर की लागत काफी ऊंची बैठती है। 

कंपनी ने कहा कि इससे उसे आगामी मानसून के महीनों में उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने सालाना आधार पर गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) को आपूर्ति में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इन गर्मियों में बिजली की मांग नए उच्चस्तर पर पहुंचने की संभावना के बीच कोल इंडिया अपना उत्पादन और आपूर्ति बढ़ा रही है। 

सरकार पहले ही कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को अपनी पूरी क्षमता पर परिचालन करने का निर्देश दे चुकी है। देश में 70 प्रतिशत बिजली उत्पादन कोयले के जरिये होता है। आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया का उत्पादन अप्रैल में 7.7 प्रतिशत बढ़कर 5.76 करोड़ टन रहा है। अप्रैल, 2022 में कंपनी ने 5.35 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था। कंपनी ने कहा कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. (ईसीएल) को छोड़कर उसकी सभी अनुषंगियों ने अप्रैल में अपना सबसे ऊंचा उत्पादन दर्ज किया है। 

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