बरेली: सीरो सर्विलांस कोविड-19 सर्वे- 2 का समापन
बरेली,अमृत विचार। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के द्वारा जिले में लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता की पहचान के लिए सीरो सर्विलांस का सर्वे रविवार को समाप्त हो गया। जिले में बहेड़ी, मीरगंज, नवाबगंज, फरीदपुर सहित 10 क्लस्टर चयनित किए गए थे। क्लस्टर के 400 लोगों के ब्लड सैंपल में संक्रमण के प्रति रोग …
बरेली,अमृत विचार। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के द्वारा जिले में लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता की पहचान के लिए सीरो सर्विलांस का सर्वे रविवार को समाप्त हो गया। जिले में बहेड़ी, मीरगंज, नवाबगंज, फरीदपुर सहित 10 क्लस्टर चयनित किए गए थे।
क्लस्टर के 400 लोगों के ब्लड सैंपल में संक्रमण के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता की जांच की जाएगी। ब्लड के सैंपल को लेने के लिए सीरो सर्विलांस की पांच टीमें बनाई गईं। सीरो सर्विलांस टीमें ने अलग-अलग क्षेत्रों में 40 सैंपल लिए। इसमें 10 वर्ष से 60 वर्ष तक की उम्र के लोगों ने ब्लड सैंपल दिए।
सर्विलांस टीम के मेडिकल अफसर डॉ. हरप्रीत ने बताया कि ब्लड सैंपल लेने के बाद सर्विलांस टीम स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई लैब में सारे सैंपल को एकत्रित करके अत्याधुनिक मशीनों द्वारा ब्लड में से सीरम को अलग कर लेती है। इसके बाद सैंपल को सील करके रीजनल सेंटर जालमा इंस्टीट्यूट ले जाया जाएगा। इसमें एक सैपल को एनआईआरटी सेंटर चेन्नई भेजा जाएगा तथा दूसरा सैंपल रीजनल सेंटर में शोध के लिए रिजर्व रखा जाएगा।
आईसीएमआर ने सीरो सर्विलांस के लिए औरेया, उन्नाव और बरेली को चुना गया था। तीनों जिलों में सर्विलांस की जिम्मेदारी जालमा इंस्टीट्यूट को दी है। हर जिले में चार-चार सौ लोगों के खून के नमूनों की जांच हुई हैं। जिससे कोरोना संक्रमण से उनके शरीर में बने एंटीबॉडी की पहचान हो सकेगी।
मई माह में पहले चरण की हुई थी शुरुआत
मई माह में आईसीएमआर की 26 सदस्यीय टीम ने बरेली में सीरो सर्विलांस के तहत सैंपलिंग की थी। करीब 25 दिन बाद जारी आईसीएमआर की रिपोर्ट में संक्रमण की दर 0.73 आंकी गई थी, जो कि जिले के दस क्लस्टर इलाकों में 410 लोगों की रैंडम सैंपलिंग के दौरान तीन लोगों के संक्रमित होने और ठीक हो जाने की रिपोर्ट पर आधारित थी।
पीपीई किट देख सैंपलिग से बच रहे लोग
जागरुकता की कमी से कुछ क्षेत्रों के लोग ने सर्वे टीम को पीपीई किट पहने देखकर कोरोना की जांच करने वाली टीम समझ कर सैंपलिंग कराने से इनकार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी देने पर कुछ लोग सैंपल देने के लिए राजी हुए।
