प्रयागराज : माफिया मुख्तार अंसारी की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश
प्रयागराज, अमृत विचार। अपराध की दुनिया के कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी को इन दिनों अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। उसे इस बात का डर है कि कहीं उसका हाल भी अतीक-अशरफ की तरह ना हो। बांदा की जेल में बंद मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर उसकी पत्नी अफ्शां अंसारी ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अफ्शां ने पहले सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्तार की सुरक्षा के संबंध में यूपी सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, जिसके अनुपालन में सरकार ने मुख्तार को पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने की जानकारी दी।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने महानिदेशक (जेल) को निर्देश दिया है कि मुख्तार अंसारी को जेल से अदालत में पेशी के दौरान कहीं भी रास्ते में रोका न जाए, साथ ही बांदा जेल से तारीख पर लाने, ले जाने और जेल बदले जाने के दौरान लोगों को दूर रखा जाए। अंसारी बंधुओं को मीडियाकर्मियों से भी दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त आदेश न्यायमूर्ति डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति उमेश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी और गाजीपुर से सांसद उनके भाई अफजाल अंसारी को पिछले हफ्ते एमपी-एमएलए कोर्ट ने कृष्णानंद राय हत्याकांड में 10 साल की सजा सुनाई है। अफजाल को चार साल की कैद हुई है और इस कारण उन्होंने अपनी गाजीपुर लोकसभा सीट की सदस्यता भी गंवा दी है। हालांकि मुख्तार के खिलाफ दर्जनों मुकदमें लंबित हैं, जिनमें लगातार सुनवाई चल रही है। इन मुकदमों में पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी को एक जगह से दूसरी जगह ले भी जाया जाता है। ऐसे में उसे अंदेशा है कि कहीं अतीक अहमद की तरह उसकी हत्या न हो जाए। मुख्तार अंसारी एक वक्त पूर्वांचल में सबसे बड़े माफिया डॉन के रूप में कुख्यात था। उसके गुर्गों ने कई बड़े हत्याकांडों को अंजाम दिया। पूर्वांचल में मुख्तार के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण जैसे तमाम मुकदमें दर्ज हैं, जिनमें से कई में उसे सजा हो चुकी है।
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