प्रयागराज नगर निगम में 28.59 और नगर पंचायत में 49.93 फीसदी हुआ मतदान
प्रयागराज, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव 2023 के प्रथम चरण की वोटिंग प्रक्रिया समाप्त हो गयी। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कड़ी सुरक्षा में जिला प्रशासन ने मतदान कराया। प्रयागराज में शाम 6 बजे तक कुल 28.59 प्रतिशत वोट पड़े। जिसके बाद प्रशासन और पुलिस की देखरेख में ईवीएम मशीनों को सील बन्द कर पैक कर दिया गया।
नगर निगम चुनाव 2023 में प्रथम चरण की वोटिंग का समापन गुरुवार शाम 6 बजे संपन्न हो गया। प्रथम चरण के चुनाव में जहां प्रयागराज में 28.59 प्रतिशत निकाय चुनाव में वोटिंग हुई। वही 49.93 प्रतिशत वोट पंचायत चुनाव में वोट पड़े। सुबह 6 बजे से ही सभी बड़े नेताओं ने वोटिंग की कमान संभाली हुई थी। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में 1180 बूथों पर चुनाव संपन्न हुए, जिसमें से 67 बूथ अतिसंवेदनशील रहे। जिसमें अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सरकारी सुरक्षा एजेंसी एवं अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों का डिप्लॉयमेंट किया गया था। जिसकी वजह से चुनाव में शांति व्यवस्था बनी रही।
सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं शहर पश्चिमी से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह अपना मतदाता किया। वही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, रीता बहुगुणा जोशी, केसरी देवी पटेल ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वही बात करें कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी की तो उन्होंने भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए अंतिम क्षणों पर वोटिंग की। पूर्व मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी द्वारा वोट डालने की कोई सूचना नहीं प्राप्त हो सकी।
बूथों पर हुई छिटपुट घटनाएं
निकाय चुनावों की तो छुटपुट घटनाओं के बावजूद पूरी चुनाव में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। कई जगहों पर प्रत्याशियों के समर्थक आपस में कहासुनी करते विवाद करते दिखाई दिए। अल्लापुर, करैली, दरियाबाद, मीरापुर, नैनी, सदियापुर में कार्यकर्ताओं के बीच फर्जी वोट डालने को लेकर कहासुनी हुई। जिसे पुलिस ने शांत करा दिया।
बूथ पर विधायक से हुई झड़प
शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेई भी अपने निकटतम बूथ पर मतदान करने पहुंचे हुए थे। जहां विपक्ष के लोगो ने किसी बात को लेकर विधायक से उलझ गए। विधायक के साथ वोटिंग के दौरान बहस हो गई। हलांकि मौजूद पुलिस ने मामले को संभालते हुए विवाद करने वालो को पकड़कर थाने भेज दिया।
पकड़ी गई फर्जी वोटर महिलाएं
चुनावी प्रक्रिया में कुछ फर्जी वोटिंग करने वालो पर भी कार्रवाई की गई। करैली ने 7 महिलाओं को फर्जी वोटिंग करते हुए गिरफ्तार किया गया। वहीं 16 से ज्यादा लोगों को अवैद्य दस्तावेजों के साथ वोटिंग सेंटर के बाहर पकड़ा गया। जार्जटाउन इलाके में भी वोटिंग के दौरान तीन युवकों को पकड़ा गया। जिनके साथ पूछताछ की जा रही है।
मायूस होकर लौटे मतदाता
प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं को काफी जद्दोजहद उठानी पड़ी। कुछ बूथों पर तो मतदाताओं का लिस्ट में नाम ही नही था। वोट डालने पहुंचे मतदाताओं को बिना मतदान किये ही वापस लौटना पड़ा।जिससे वह काफी मायूस दिखे।
अतीक़ के गढ़ में मायूस दिखे वोटर, बढ़ाई गई सुरक्षा
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या किए जाने के बाद 4 मई को हुई वोटिंग में करैली, चकिया, अटाला इलाको में वोटिंग के दौरान मतदाता मायूस दिख रहे थे। उनके चेहरे पर मतदान करने की खुशी नही दिखाई दस रही थी। अतीक अहमद की हत्या के बाद से समाजवादी पार्टी को लेकर मुस्लिमों ने कड़ा विरोध किया था। उधर कुछ वकीलों ने भी प्रदर्शन कर वोट न करने की ओइल की थी। हालांकि सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक यह माना जा रहा था कि चकिया और अटाला इलाकों में मतदाताओं की भीड़ जमा होगी लेकिन ठीक उसका उल्टा हुआ।
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