बरेली: चुनाव से पहले अल्पसंख्यक नेताओं का इस्तीफा, लगाए कई आरोप
कांग्रेस प्रदेश सचिव ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर लगाए कई आरोप
बरेली, अमृत विचार। निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव और जिलाध्यक्ष कई नेताओं ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। उन्होंने जिले के नेताओं पर पार्टी को बेचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि निकाय चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव से भी खराब रहेगा।
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव जुनैद हुसैन ने प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम को लिखे पत्र में कहा है कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ पार्टी के लिए काम कर रहे थे। 2017 में बरेली में सभासद की लगभग 1300 सीटों में पार्टी सिंबल पर जीतने वाले एकमात्र प्रत्याशी थे।
इसी कारण उन्हें पहले अल्पसंख्यक विभाग का जिलाध्यक्ष और फिर प्रदेश सचिव बनाया गया। आरोप लगाया है कि कांग्रेस में पार्टी हित के उलट काम किए जाते हैं। काफी समय से इस बारे में वह पार्टी नेताओं से बात कर रहे थे मगर कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पूरी तरह बेचा जा चुका है।
जुनैद हुसैन के साथ अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष आसिफ अली, जिला सचिव मो. साजिद, मो. आबिद, ब्लॉक अध्यक्ष मो.नईम, मोइन अली, मो. सादिक, सलीम, नईम, शकील अहमद समेत कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।
पत्नी को चुनाव लड़ा रहे हैं जिलाध्यक्ष, कार्यालय पर सन्नाटा
निकाय चुनाव में कांग्रेस के जिला कार्यालय पर सन्नाटा नजर आ रहा है। वजह यह है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी की पत्नी चमन सकलैनी सिरौली से चुनाव लड़ रही हैं। जिलाध्यक्ष पत्नी को चुनाव लड़ाने में व्यस्त हैं।
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