लखनऊ : प्रेग्नेंसी में मसूड़े की सूजन कर सकती है परेशान, बीमारी को रोकने के तरीकों पर डॉक्टर की राय
लखनऊ, अमृत विचार। मसूड़ों की बीमारी वयस्कों के लिए एक आम मुंह की समस्या है, इस समस्या में मामूली मसूड़ों की सूजन से लेकर गंभीर दंत समस्याएं शामिल हैं। गंभीर दंत समस्याओं की बात करें तो इसमें दांत खोना भी शामिल है। वहीं मसूड़ों की सूजन गर्भवती महिलाओं में हो जाये तो यह और भी दिक्कत कर सकती है। यह जानकारी केजीएमयू स्थित प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रो. कमलेश्वर सिंह ने प्रदान की है।
प्रो. कमलेश्वर सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन और रक्त प्रवाह में वृद्धि के कारण मसूड़ों की बीमारी होने का खतरा हो सकता है, इसलिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि गर्भवती महिलाएं अच्छी तहर मुंह की स्वच्छता की आदतों का अभ्यास करें। मुंह की स्वच्छता में लापरवाही गर्भावस्था में मसूड़े की सूजन ( Pregnancy Gingivitis)का कारण बन सकती है।
गर्भावस्था में मसूड़ों की बीमारी के कारण
प्रो. कमलेश्वर सिंह ने बताया कि मुंह की स्वच्छता का आभाव गर्भावस्था के दौरान कई तरह की समस्याओं को जन्म दे सकता है। जिसमें गर्भावस्था के दौरान लाल या सूजे हुए मसूड़े, दांतों और मसूड़ों के बीच की pocket,सांसों में लगातार दुर्गंध आना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा धूम्रपान, हार्मोनल परिवर्तन और मधुमेह I, भी इस तरह की बीमारी का एक कारण हो सकता है।
गर्भावस्था में मसूड़ों की बीमारी को कैसे रोकें
प्रो. कमलेश्वर सिंह की माने तों मसूड़े की बीमारी का कारण बनने वाले प्लैक्स को हटाने के लिए नियमित दंत चिकित्सक की सलाह जाती है। इलाज कराने से पहले अपने डॉक्टर और दंत चिकित्सक से बात करें, क्योंकि डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि संभव हो तो दांतों का इलाज गर्भावस्था के दौरान दूसरी तिमाही के समय किया जाए। इसके अलावा ब्रश करने और फ्लॉसिंग करने से मसूड़े की सूजन कम हो जाती है , बैक्टीरिया के मसूड़ों और मुंह से छुटकारा मिलता है। फलों का सेवन करने से काफी लाभ मिलता है, विटामिन सी मसूड़े की सूजन से निपटने में मदद कर सकता है। इसके अलावा माउथवॉश से रोजाना कुल्ला करें।
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