Chitrakoot: काल बनकर गिरी कच्ची दीवार, दो बहनों की मौत, पड़ोस में गाना-बजाना देखने गए थे बच्चे, एक बच्ची घायल
चित्रकूट में दीवार गिरने से दो बहनों की मौत।
चित्रकूट में दीवार गिरने से मलबे में दबकर दो बहनों की मौत हो गई। जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में अस्तपाल में भर्ती है। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
चित्रकूट, अमृत विचार। मऊ थानाक्षेत्र में शादी समारोह की धूमधाम देख रहे तीन मासूमों पर कच्ची दीवार कहर बनकर गिर पड़ी। ढही दीवार के नीचे दबने से दो बहनों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर हालत में अस्तपाल में भर्ती है। जानकारी पाकर मौके पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
यह दर्दनाक घटना मऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत मंडौर मजरे बंबुरा में शुक्रवार की है। बताया जाता है कि गांव में किसी घर में शादी समारोह था। रात में गांव के बच्चे वहां नाचगाना देखने गए थे। कुछ बच्चे एक कच्ची दीवार के पास खड़े थे। इसी दौरान दीवार ढहढहा गई। अचानक दीवार गिरने से कई बच्चे तो जान बचाकर भाग निकले पर जुग्गीलाल निषाद की पुत्री शिवानी (3) और राजनंदनी (5) के साथ शारदा निषाद की आठ साल की बेटी नीतू देवी इसके नीचे दब गईं।
जानकारी होने पर लोगों ने इनको निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य लेकर भागे, जहां चिकित्सकों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। राजनंदनी को प्रयागराज रिफर किया गया, पर रास्ते में उसकी भी सांसें थम गईं। नीतू के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सगी बहनों की मौत से घर में मातम
दो अबोध बच्चियों की मौत से घर में मातम छा गया। सभी इस बात की चर्चा कर रहे थे कि शादी की खुशियां देखने गई बच्चियों की मौत ने घर में गम का माहौल कर दिया। दो दो बेटियां खोने से मां सरोज देवी का रुदन सुनकर लोगों की भी आंखें भर आईं।
नाली और बरसात से दीवार में हुई सीलन
गांव-मजरों में कच्चे घरों की दीवारों के ढहने से अक्सर इस तरह की अनहोनी होती हैं। बीते साल भी इसी तरह के हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चे असमय कालकवलित हो गए थे। सड़क किनारे नाली का पानी कच्चे घरों में रिसने और ऊपर से बरसात इनके लिए घातक साबित होती है और मिट्टी में सीलन होने से यह भरभरा जाती हैं।
कुछ देर दबे रहे बच्चे
गांव की जिस गली में बच्चे खड़े थे, वहां ज्यादा रोशनी न होने से लोगों को घटना का पता नहीं चल पाया। वहां से जब गांव की एक महिला निकली और गिरी दीवार देखकर बच्चों की चीखें सुनीं तो उसने लोगों को चिल्लाकर बुलाया। तब जाकर इनको निकाला जा सका।
सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन
घटना के बाद तहसीलदार राजेश सिंह, कोतवाली प्रभारी मऊ राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उप जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने लेखपाल और कानूनगो को मौके पर भेजा और जरूरी कागजात मंगवाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सरकारी सहायता दिलाई जाएगी।
