बरेली: माफिया अशरफ से मुलाकात कराने के आरोपी आरक्षी शिवहरि की जमानत अर्जी निरस्त
सीओ ने आरोप पत्र किया पेश, कोर्ट ने लिया संज्ञान
बरेली, अमृत विचार। रिश्वत लेकर जेल में बंद रहे माफिया अतीक के भाई अशरफ की उसके गुर्गों से मुलाकात कराने के आरोपी आरक्षी शिवहरि अवस्थी की जमानत अर्जी स्पेशल जज एंटी करप्शन कोर्ट-1 सुरेश कुमार गुप्ता ने शनिवार को खारिज कर दी।
विशेष लोक अभियोजक मनोज वाजपेयी ने बताया कि वादी मुकदमा एसआई अनिल कुमार ने थाना बिथरी चैनपुर में तहरीर दी थी कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से आरक्षी शिवहरि ने एक आईडी पर 6 या 7 व्यक्तियों की अशरफ से मिलाई कराई थी। इसके लिए मोटी रिश्वत ली गई।
अशरफ लल्ला गद्दी और सद्दाम के साथ मिलाई के वक्त गवाहों, अभियोजन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों की हत्या की योजना बनाई। गवाहों को डराकर मुकदमे से बरी हो सके की योजना भी तैयार की। इस मामले में शिवहरि, लल्ला गद्दी समेत नौ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शनिवार को इस मामले में जेल में बंद सभी नौ आरोपियों के खिलाफ विवेचक/सीओ थर्ड आशीष प्रताप सिंह ने कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया, जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लिया।
सद्दाम की अग्रिम जमानत अर्जी पर टली सुनवाई
बरेली: माफिया अशरफ के साले समद उर्फ सद्दाम की अग्रिम जमानत अर्जी पर शनिवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई टल गयी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई को अब 17 मई की तिथि नियत की है। सद्दाम लल्ला गद्दी के साथ मिलकर जेल में बंद अशरफ के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराता था।
थाना बिथरी चैनपुर में मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही सद्दाम फरार चल रहा है। एसआईटी ने उसके ऊपर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। सद्दाम ने अपने अधिवक्ता के जरिए कोर्ट से अग्रिम जमानत दिए जाने की याचना कर अर्जी दी थी। शनिवार को रिकॉर्ड न आ पाने के कारण अर्जी पर सुनवाई टल गयी।
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