पीलीभीत: जनता मुझे नहीं...भाजपा की नीतियों को देगी वोट- आस्था
पीलीभीत, अमृत विचार। सुबह साढ़े छह बजे से 11 बजे तक मतदाताओं के बीच जाकर जनसंपर्क करती हूं। इसके बाद 10 से 15 मिनट के लिए कार्यालय पर जाती हूं। जिसके बाद रात 10 बजे तक मीटिंग होती हैं। उनको अटेंड करना...इन सबके बाद रात 12 बजे तक घर पहुंचती हूं। फिर अगले दिन की रणनीति बनाती हूं। इन सबके बीच दो कब बज जाते हैं पता ही नहीं चलता। नींद तो बस कहने के लिए आती है।
भाजपा प्रत्याशी आस्था अग्रवाल कहतीं हैं कि जनसमर्थन खूब मिल रहा है। वोट मुझे नहीं मिलेगा...वोट मिलेगा तो सिर्फ भाजपा को। भाजपा सरकार ने निचले तबके के व्यक्ति को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया है। ...और जनता मुझे नहीं केवल भाजपा की नीतियों को वोट देगी। पिछले 15 वर्षों में नगर पालिका पीलीभीत नर्क पालिका बन गई। पीलीभीत सीट महिला है। चुनावी रण में खड़े 11 प्रत्याशियों में मुझे छोड़कर कोई भी ऐसा प्रत्याशी नहीं जो सीधे चुनाव लड़ रहा हो। लेकिन एक मैं ही हूं जो मैदान में अकेले डटी हुई हूं और बाकि सब के तो पति मैदान में हैं। मेरा खुद का एक नजरिया है...पढ़ा लिखा इंसान हर काम को बेहतर ढंग से करता है।
पीलीभीत की सड़कें देखिए, नालियां देखिए, पार्क देखिए, पार्किंग व्यवस्था देखिए और ड्रेनेज सिस्टम तो है ही नहीं। पिछले 15 वर्षों में पालिका में घोटाले हुए, काम नहीं। अब पीलीभीत की जनता बदलाव चाहती है जोकि होकर रहेगा। मैं सफलता की तीन ही मंजिल जानती हूं...मेहनत ज्यादा, खुद से वादा और मजबूत इरादा। इसलिए मुझे विश्वास है कि अब नगर में भी भाजपा आएगी। निश्चित ही ट्रिपल इंजन की सरकार बनाएंगे। कहती हैं कि कई प्रत्याशियों का संकल्प होता है चुनाव तक सभी वार्डों में जनसंपर्क हो जाए। लेकिन यहां मैंने तीन बार 27 वार्ड घूम लिए हैं। अब तो मुझे एक-एक घर में कितने लोग हैं, यह तक पता हो गया है।
काम होगा...इस विश्वास पर मिलेगा वोट
आस्था बतातीं हैं कि मुझे ही नहीं बल्कि शहर के एक-एक मतदाता को विश्वास है कि भाजपा ही आएगी। बेहतर सड़कें, सुंदर पार्क, ड्रेनेज सिस्टम, जल व्यवस्था, छात्रों के लिए लाइब्रेरी, मनोरंजन के साधन इन सब को शहर में लाना ही मेरा विजन है। जनता को विश्वास है कि भाजपा है तो मुमकिन है। और ये सपना मुझे साकार होता दिखाई दे रहा है। एक-एक करके हर वर्ग हमसे जुड़ता जा रहा है। आईएमए, व्यापार मंडल, मुस्लिम वर्ग, कायस्थ वर्ग, ब्राह्मण वर्ग आदि सबका समर्थन है।
भाजपा में सिर्फ टिकट तक होता है विरोध
आस्था अग्रवाल का कहना है कि जब तक पार्टी टिकट जारी नहीं करती है तभी तक विरोध रहता है। उसके बाद एक-एक भाजपा कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में खड़ा हो जाता है। यही तो विशेषता है अन्य और भाजपा में। भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों ने तक अपनी जी-जान लगा दी है। इसलिए आ तो सिर्फ भाजपा ही रही है।
आखिर क्या होने वाला है दो दिन बाद धमाका
बातचीत के दौरान आस्था अग्रवाल ने एकदम चुप्पी साध ली...और कुछ देर बाद बोलीं कि दो दिन बाद एक बड़ा धमाका होने वाला है। आखिर ऐसा क्या धमाका होने वाला है। इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन इतना जरूर है कि आस्था अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वत हैं। उन्हें विश्वास ही नहीं...बल्कि भरोसा है कि वो जीत रही हैं।
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