ATS ने Kanpur से दो संदिग्धों को उठाया, नई सड़क उपद्रव व CAA बवाल में सामने आए थे PFI के पांच सदस्य
कानपुर में एटीएस ने बजरिया और बाबूपुरवा से दो संदिग्धों को उठाया।
कानपुर में एटीएस ने बजरिया और बाबूपुरवा से दो संदिग्धों को उठाया। नई सड़क उपद्रव व सीएए बवाल में पीएफआई के पांच सदस्य सामने आए थे।
कानपुर, अमृत विचार। पीएफआई (पापुलर फ्रंट आफ इंडिया) की गतिविधियों को लेकर एटीएस ने एक बार फिर से सक्रिय होकर जांच शुरू कर दी है। एटीएस की प्रदेशस्तर छापेमारी में कानपुर से भी पीएफआई के दो संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूर्व में प्रकाश में आए पांच सदस्यों के बारे में भी एटीएस व अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं।
एटीएस ने कानपुर से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध बजरिया का है। उसके घर एटीएस शनिवार को पहुंची थी, मगर वह नहीं मिला। इसके बाद रविवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। दूसरा संदिग्ध बाबूपुरवा थाना क्षेत्र से उठाए जाने की सूचना है। हालांकि इनके बारे में अन्य कोई जानकारी जांच एजेंसी द्वारा नहीं दी गई।
सीएए यानी नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसा के बाद गृह मंत्रालय की रिपोर्ट पर बाबूपुरवा पुलिस ने जनवरी वर्ष 2020 में बजरिया के रामबाग कालोनी निवासी मोहम्मद उमर, लेबर कालोनी फहीमाबाद निवासी सैयद अब्दुल हई हाशमी, बादशाहीनाका के कुली बाजार निवासी फैजान मुमताज, बड़ा कुरियाना अनवरगंज निवासी मोहम्मद वासिफ और सरवर आलम को गिरफ्तार किया था।
आरोप था कि सीएए बवाल में पीएफआई की ओर से इन्होंने फंडिंग की थी। इसके अलावा तीन जून को नई सडक़ उपद्रव मामले में भी पुलिस ने मोहम्मद उमर, मोहम्मद वासिफ और सरवर आलम को दोबारा गिरफ्तार जेल भेजा था।
