बरेली: निलंबित हेडमास्टर की ताकत, 95 बच्चों में से एक भी पढ़ने नहीं आ रहा स्कूल
सीएम पोर्टल पर की शिकायत, गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और शिक्षिका से बदसलूकी के आरोपों में हुए थे निलंबित, अफसरों ने दी और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, ग्राम प्रधान पर भी साठगांठ का आरोप
बरेली, अमृत विचार : डीएम की ओर से गठित कमेटी की जांच के बाद वित्तीय अनियमितताओं के साथ कई गंभीर आरोपों में निलंबित किए गए मझगवां ब्लॉक के मानपुर प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर ने अफसरों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। निलंबन के बाद से पंजीकृत 95 बच्चों का स्कूल आना बंद हो गया है।
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बाकी शिक्षकों को पूरे दिन स्कूल में खाली बैठना पड़ रहा है। उधर, हेडमास्टर ने अपने अफसरों के खिलाफ लेनदेन के आरोप लगाते हुए सीएम पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज करा दी है। अफसर अब हेडमास्टर के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।मानपुर स्कूल में कार्यरत एक शिक्षिका की डीएम से शिकायत के बाद हेडमास्टर रूपेंद्र सिंह के खिलाफ जांच शुरू हुई थी।
डीएम ने आंवला के एसडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए को विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर बीएसए को रिपोर्ट सौंपी जिसमें मिड डे मील योजना में घोर वित्तीय अनियमितताओं के साथ स्कूल में कार्यरत शिक्षिका से दुर्व्यवहार और उन्हें थप्पड़ दिखाने की भी पुष्टि की गईथी।
हेडमास्टर पर शिक्षिका ने मानसिक प्रताड़ना और आत्मदाह के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया था। जांच अधिकारी शीतल श्रीवास्तव ने अपनी रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया कि जांच के दौरान हेडमास्टर ने उनसे भी बदसलूकी की। इस रिपोर्ट पर बीएसए ने रूपेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था।
निलंबन के बाद अगले ही दिन से स्कूल में पंजीकृत सभी 95 बच्चों ने पढ़ाई के लिए आना बंद कर दिया। अफसरों का कहना है कि हेडमास्टर और ग्राम प्रधान की साठगांठ है, इसी कारण बच्चों की पढ़ाई बंद करा दी गई है।
ग्रामीणों की ओर से डीएम को एक पत्र भी लिखवाया गया था। अब निलंबित हेडमास्टर ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर सहायक अध्यापिका पर पत्र व्यवहार रजिस्टर फाड़ने, जांच अधिकारी शीतल श्रीवास्तव पर रिश्वत की मांग करने और बीएसए पर समझौता करने का दबाव बनाने और निलंबन की धमकी देने का आरोप लगाया है।
हेडमास्टर पर होगी रिपोर्ट, एसडीएम ने ग्राम प्रधान का किया जवाबतलब: बीएसए विनय कुमार का कहना है कि निलंबित हेडमास्टर को अंदाजा नही था कि उनकी धांधली उजागर हो जाएगी। डीएम की ओर से गठित कमेटी की जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। अब भी वह स्कूल का माहौल खराब कराने में लगे हैं।
उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया है। जरूरत पड़ी तो हेडमास्टर पर एफआईआर भी कराई जाएगी। उधर, एसडीएम आंवला गोविंद ने बताया कि घोर वित्तीय अनियमितताओं में निलंबित होने के बाद भी हेडमास्टर स्कूल में पढ़ाई को प्रभावित कर रहे हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान से भी जवाबतलब किया है। इन दिनों स्कूल में मिड डे मील भी नहीं बनवाया जा रहा है।
मंडल के विजेता बच्चों को नहीं जाने दिया राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में: हेडमास्टर रूपेंद्र सिंह के निलंबन आदेश में उन पर स्कूल के उन बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ करने का आरोप है जिन्होंने मंडलस्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया था। इन बच्चों को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने लखनऊ जाना था लेकिन हेडमास्टर ने उन्हें इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग नहीं कराया, जिस कारण बच्चों को एक बड़े अवसर से हाथ धोना पड़ा।
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