Pilibhit: निर्दलीय को चुनाव लड़ा रहे पूर्व विधायक के पुत्र को भाजपा ने दिखाया बाहर का रास्ता
चुनाव में शराब मंगाने के आरोप में पकड़े गए संगठन के मीडिया प्रभारी भी हुए आउट
पीलीभीत, अमृत विचार। निकाय चुनाव में बगावत और भितरघात करने वालों पर भाजपा संगठन का एक्शन जारी है। अब पूर्व विधायक के पुत्र को भी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। तीन और भाजपाई पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिए गए हैं।
जनपद में निकाय चुनाव में को लेकर भाजपा में जमकर बगावत हुई। टिकट न मिलने पर कई बागी चुनावी मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी बनकर कूद गए और अपने पार्टी के घोषित प्रत्याशियों की मुसीबत बन गए। इसे लेकर संगठन से एक्शन की चर्चाएं तेज हो गई थी।
कुछ दिन पहले ही प्रियंका कौशिक पत्नी अवनीश कौशिक (निर्दलीय प्रत्याशी), निवर्तमान चेयरमैन पीलीभीत विमला जायसवाल पत्नी प्रभात जायसवाल, निवर्तमान चेयरमैन पूरनपुर प्रदीप कुमार ललन, मीतू जायसवाल पत्नी सचिन जायसवाल, बीसलपुर के नगर मंत्री प्रमोद गुप्ता, अजय गोयल, चरणजीत सिंह, ममता गुप्ता निवर्तमान चेयरमैन जहानाबाद, ममता भोजवाल पत्नी श्याम बिहारी, गीता देवी पत्नी प्रेम प्रकाश पासवान, सोनी पत्नी सुमित सक्सेना मंडल उपाध्यक्ष नौगवां पकड़िया, नामित सभासद डीके गुप्ता, जिला कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र गोस्वामी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद तीन और निष्कासित किए गए हैं।
इसमें निर्दलीय प्रत्याशी निवर्तमान चेयरमैन पीलीभीत विमला जायसवाल को खुलकर चुनाव लड़ा रहे अंकुर गुप्ता भी शामिल हैं। अंकुर पूर्व विधायक स्वर्गीय बीके गुप्ता के सुपुत्र हैं। इसके अलावा भाजपा मीडिया प्रभारी श्याम बिहारी भोजवाल और लक्ष्मीकांत को छह साल के लिए निष्कासित किया गया है।
श्याम बिहारी भोजवाल पिछले दिनों ही जमानत पर छूटे हैं। उन्हें बरखेड़ा पुलिस ने शराब की खेप के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि चुनाव में इस्तेमाल के लिए करीब 10 लाख कीमत की शराब उनके द्वारा मंगवाई गई थी। उसके बाद वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी दंगल में कूद चुके हैं।
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