बरेली: ओडीएफ में किया ऐसा खेल, स्वच्छता सर्वेक्षण में बरेली फेल
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर लगातार दूसरे साल स्वच्छता सर्वेक्षण में फिसड्डी साबित हुआ है। कूड़ा निस्तारण और ओडीएफ मुक्त नहीं होने से शहर की प्रतिष्ठा को गहरा झटका लगा है। जबकि इन दोनों पर नगर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की रैकिंग में भी इन्हीं दोनों मामलों में बरेली …
बरेली, अमृत विचार। बरेली शहर लगातार दूसरे साल स्वच्छता सर्वेक्षण में फिसड्डी साबित हुआ है। कूड़ा निस्तारण और ओडीएफ मुक्त नहीं होने से शहर की प्रतिष्ठा को गहरा झटका लगा है। जबकि इन दोनों पर नगर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की रैकिंग में भी इन्हीं दोनों मामलों में बरेली को फिसड्डी किया है।
इसके बाद भी शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली है। ऐसे में अब स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बना है। केंद्र सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दीं हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इस बार बेहतर करने का हरसंभव प्रयास होगा। इसलिए अब नगर निगम को भी सारी कार्रवाई नए सिरे से शुरू कर चुनौतियों का सामना करना होगा।
मात्र छह हजार शौचालय बने
लाखों की आबादी वाले शहर में नगर निगम की ओर से मात्र छह हजार शौचालय बनाए गए हैं। इनके अलावा करीब 25 मोबाइल टॉयलेट है। इनके निर्माण पर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है। इनके रख-रखाव पर जहां अफसरों का ध्यान नहीं है। वहीं, शहर के कई प्रमुख स्थानों पर शौचालय नहीं बने होने की वजह से शहरवासी परेशानी झेलने के मजबूर है। बदलाल शौचालयों की रिपेयरिंग के नाम पर भी बड़ा खेल चल रहा है।
तीन चरणों में होगा इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण
केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार भी तीन चरणों में स्वच्छता सर्वेक्षण होगा। अंक पिछले बार की तरह ही 6000 अंकों की ही परीक्षा होगी। तीन चरण में सर्वे प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में पिछड़ने के बाद अब नगर निगम जागा है। आला अफसरों के निर्देश पर नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की तैयारी में जुट गए हैं।
ओडीएफ से शुरुआत, स्वच्छता सर्वेक्षण पर होगा खत्म
गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की शुरुआत हो चुकी है। इसमें नगर निगम को सारे रिकार्ड प्राथमिकता से उपलब्ध कराने हैं। खुले में शौच मुक्त(ओडीएफ) से इसकी शुरुआत होगी। दूसरा चरण गार्बेज फ्री सिटी (कूड़ा निस्तारण) से होगा। बरेली गार्बेज फ्री सिटी में पिछली बार भी फिसड्डी रहा है। इस बार भी कागजों में ही सब कुछ चल रहा है। जमीन पर गार्बेज फ्री जैसा कुछ नहीं दिख रहा है। तीसरा चरण स्वच्छता सर्वे का होगा। जिसमें केन्द्र सरकार की एजेंसी मूल्यांकन करेगी। साथ ही शहर के लोगों से फीडबैक लिया जाएगा।
चेत नहीं रहा नगर निगम
वैसे बरेली नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर चेत नहीं रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार जनवरी 2021 में स्वच्छता सर्वे शुरू होगा। हालांकि वर्तमान की अब तक की तैयारी को देखकर नहीं लगता है कि इस बार भी अच्छी रैंकिग आएगी। नगर निगम में सभी काम ठप पड़े हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
दौरों का भी कोई फायदा नहीं मिला
स्वच्छ बनाने के लिए शासन में बैठे अफसरों के अलावा जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियां ने शहर स्वच्छ बनाने को लेकर साल भर दौरा किया। दावा किया प्रधानमंत्री की स्वच्छता की मुहिम रंग लाएगी। इस दौरान कई नए प्रोजेक्ट तैयार हुए हैं। इस दौरान कुछ अधिकारी ट्रांसफर हो गए। कुछ अधिकारी अब भी जिले में तैनात हैं। लेकिन इन दौरों को कोई फायदा अब तक बरेली को नहीं नहीं मिला है। अधिकारी आते हैं, जाते हैं और लाखो रुपये खर्च होते हैं।
