मुरादाबाद: खतरे के और करीब पहुंची रामगंगा, पलायन को मजबूर हुए लोग
मुरादाबाद,अमृत विचार । कटघर गेज में रामगंगा नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच गई है। तटवर्ती इलाकों के लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। रामगंगा के पानी से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। अब हाईवे पर भी पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार देर शाम कटघर गेज में …
मुरादाबाद,अमृत विचार । कटघर गेज में रामगंगा नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच गई है। तटवर्ती इलाकों के लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। रामगंगा के पानी से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। अब हाईवे पर भी पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। सोमवार देर शाम कटघर गेज में नदी का जलस्तर 190.45 मीटर रिकार्ड किया गया। सुबह से शाम तक पांच सेंटीमीटर पानी बढ़ गया।
उधर, मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर पानी का चढ़ना जारी है। करीब तीन सौ मीटर दूरी में यहां नदी का पानी सड़क पर बह रहा है। जिला प्रशासन की टीम और पुलिस की देखरेख में इस रोड पर वाहनों की आवाजाही जारी है।
चार दिन से लगातार रामगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। रामगंगा और ढेला नदी क्षेत्र में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। ठाकुरद्वारा, पीपलसाना और आसपास के इलाके में खेती की हालत चिंताजनक बनी हुई है। सोमवार सुबह जलस्तर 190.40 मीटर दर्ज किया गया था। शाम को बढ़कर 190.45 हो गया। फिलहाल रामगंगा खतरे के निशान से महज 15 सेमी दूर है। पुलिस और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीम ने कटघर से अगवानपुर तक नदी का हाल जाना।
– 190.45 मीटर पहुंचा पानी, खतरे के निशान से सिर्फ 15 सेमी दूर
– 190.60 मीटर है कटघर में नदी का डेंजर लेवल
– चार दिन से लगातार बढ़ रहा नदी का जलस्तर
– हाईवे पर बढ़ रहा पानी का दबाव
जिला मुख्यालय और आसपास के इलाके में नदी की विकरालता से लोगों में दहशत है। डिलारी क्षेत्र में सड़क तक पानी पहुंच गया है। बरसात के पानी ने लोगों को डरा दिया है। एसडीएम सदर हिमांशु वर्मा का कहना है कि राजस्व प्रशासन क्षेत्र में मुस्तैद है। बाढ़ चौकियों से नदी की निगरानी की जा रही है। शहरी क्षेत्र से नदी की ओर जाने वाली सड़कों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। दोपहर में सीएल गुप्ता आई हास्पिटल की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है।
वहीं, दसवां घाट, जिगर कालोनी, जामा मस्जिद, वारसी नगर और कटघर इलाके में पानी का दबाव बना हुआ है। जामा मस्जिद क्षेत्र के बीस से अधिक घरों में नदी की धारा ने लोगों को पलायन को मजबूर कर दिया है। इस्लामनगर पेट्रोल पंप से तीन सौ मीटर सड़क पर पानी ओवर फ्लो कर रहा है।
किसानों की बढ़ीं धड़कनें, हजारों एकड़ फसलें डूबीं
रामगंगा पार इलाके में नदी के पानी का कहर जारी है। इस्लामनगर से लेकर डिलारी के बीच खतों में पानी भरता जा रहा है। नदी किनारे हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है। इस्लामनगर से सलेमसराय के बीच दो जगह संपर्क मार्ग पर पानी बह रहा है। रामगंगा से ढेला नदी के बीच के किसानों की सांसें अटकी हुईं हैं। मुस्तापुर के पास सड़क टूट चुकी है, यहां सड़क के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। मिलक मोहब्बतपुर के पास भी रामगंगा का पानी सड़क के ऊपर बह रहा है। इस क्षेत्र से रामगंगा का पानी ढेला नदी की ओर जा रहा है। ठाकुरद्वारा की ओर जा रहे हाईवे पर रामगंगा पार से लेकर डिलारी कस्बे तक पानी से फसलें तबाह हो चुकी हैं। इस्लामनगर पेट्रोल पंप से लेकर मुस्तापुर, डूंगरपुर, चटकाली, काजीपुरा, खैया खद्दर, सेहाली खद्दर, काफियाबाद, मुडिया मोउद्दीपुर और सलेमसराय के किसानों की धान की फसल तबाह हो चुकी है।
मूंढापांडे के दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात
रामगंगा का पानी गांवों की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। मूंढापांडे क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर, गोविंदपुर कला, मोहम्मदपुर, दौलतपुर, रसूलपुर नगली, रौण्डा झौण्डा इमलाक देवापुर ऐसे दर्जनों गांवों के खेतों को नदी का पानी निगलने लगा है। क्षेत्र में धान और उड़द की फसल पूरी तरह से चौपट होती नजर आ रही है। नदी के जलस्तर में वृद्धि ने ग्रामीणों की नींद उड़ाकर रख दी है। क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कोई भी अधिकारी नुकसान का आकलन करने नहीं आया है। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। फसल के नुकसान को देखते हुए अमित कुमार सागर, डा. एके खान, मुजीब कुरैशी, विकास शर्मा, मुस्ताक हुसैन, शमशुल मलिक, सुंदर सिंह आदि ने सहायता की मांग की है।
