Unnao Suicide: विवाहिता समेत चार के फंदे पर लटके मिले शव, परिजन बोले- फाइनेंस कंपनी के दबाव के चलते की आत्महत्या
उन्नाव में विवाहिता समेत चार के फंदे पर शव लटके मिले।
उन्नाव के सदर, हसनगंज, अजगैन कोतवाली व मौरावां थानाक्षेत्रों में हुई घटनाओं में विवाहिता समेत चार ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उन्नाव, अमृत विचार। सदर कोतवाली क्षेत्र में विवाहिता तो हसनगंज, अजगैन व मौरावां थानाक्षेत्रों में युवकों के शव संदिग्ध हालात में फंदे से लटके मिले। विवाहिता के मायके वालों ने ससुरालियों पर हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। वहीं अजगैन कोतवाली क्षेत्र के मामले में परिजनों ने फाइनेंस कंपनी के दबाव के चलते आत्महत्या की बात कही है। शेष दोनों मामलों में परिजन घटना की वजह नहीं बता सके। संबंधित थानों की पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
केस एक :
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंगरोसी गांव निवासी राजकुमारी (30) पत्नी अमर कुमार का शव बुधवार सुबह संदिग्ध हालातों में घर के अंदर फंदे से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर घटना की सूचना पर पुरवा कोतवाली क्षेत्र बिनगांव निवासी मायके पक्ष के लोग पहुंचे तो उन्हें शव पोस्टमार्टम हाउस में मिला। जिस पर उन्होंने हंगामा करते हुए पति समेत ससुरालीजनों पर राजकुमारी की हत्या कर शव फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है। मृतका के भाई रजनीश ने बताया कि बीते मंगलवार को बहनोई ने बहन से मारपीट की थी। परिवार के लोग जब उसे बिदा कराने के लिए ससुराल पहुंचे तो बहनोई व उसके परिजनों ने दोबारा मारपीट की पुनरावृत्ति न होने की बात कह बहन को रोक लिया था। उसने बताया कि बहन की शादी 2009 में हुई थी। उसके दो बच्चे अंकुश (10) व आयुश (8) हैं। बेटी की मौत पर मां रामसखी का रो रोकर बुरा हाल है। भाई रजनीश के मुताबिक उसके पिता कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं जबकि बड़ा भाई सज्जन पथरी की समस्या ग्रसित होने के कारण लखनऊ में भर्ती है। बहनोई बहन के चरित्र पर शंका कर अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। शिकायत एसपी आफिस से लेकर महिला थाने हर जगह की जा चुकी है। लेकिन हर बार अमर माफी मांग कर समझौता करा लेता था। एक साल पहले ही समझौते के बाद वह मायके से बहन को विदा करा कर ले गया था। पुलिस ने आरोपी पति को थाने में बैठा लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
केस दो :
अजगैन कोतवाली के जनसार गांव निवासी रामजीवन पुत्र स्व. होशराम रावत बीती देर रात तकरीबन दो बजे घर से शौंच के लिए निकला। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो पत्नी कुसमा ने उसे फोन मिला। कोई जवाब न मिलने पर वह परिजनों के साथ उसे खोजने निकली तो घर से पांच सौ मीटर की दूरी पर नहर किनारे नीम के पेड़ से चुनरी के फंदे से उसका शव लटका देख परिजनों में चीख पुकार मच गयी। मृतक अपने पीछे तीन बच्चों आदित्य (6), इंकाश (3) आदिति (डेढ वर्ष) को रोता बिलखता छोड़ गया। बेटे की मौत पर मां रामकली रो रोकर व्याकुल है। मृतक दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई उमेश ने बताया कि भाई ने 2020 में एक ट्रैक्टर फाइनेंस कराया था। ईएमआई और कर्ज की सोंच कर उसने दो माह बाद ही ट्रैक्टर एजेंसी में जमा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हिसाब किताब बराबर करने के बाद भी फाइनेंस कंपनी उस पर 86 हजार की बकाएदारी बता रही है। 2022 में एक बार नोटिस भेजा गया था उसके बाद इसी माह एक सप्ताह पूर्व दोबारा नोटिस आया। जिसके बाद से भाई अवसादग्रस्त था। दो दिनों ने फाइनेंस कंपनी के अधिवक्ता बार बार उसे फोन कर रुपये न जमा करने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे थें। इस संबंध में कोतवाल वीके मिश्र ने बताया कि परिजनों परिजनों ने तहरीर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
केस तीन :
कोतवाली क्षेत्र के हाजीपुर तरेहा गांव निवासी पवन कुमार रावत (18) पुत्र ओम प्रकाश का शव संदिग्ध हालातों में बुधवार सुबह घर से पांच सौ मीटर दूर नन्हक्के के आम के बाग में गमछे के फंदे से लटका मिला। ग्रामीणों के जरिए मामले की जानकारी परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। मृतक दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई सरोज ने बताया कि पवन पेश से ट्रैक्टर चालक था। मंगलवार सुबह घर से निकलने के बाद वह वापस घर नहीं आया था। चालक होने के नाते अक्सर ऐसा होता था जिसके चलते उसकी खोजबीन नहीं की गयी। सुबह ग्रामीणों से उसका शव फंदे से लटके होने की जानकारी मिली। आत्महत्या के पीछे वजह क्या रही इस संबंध में घर वाले कोई जानकारी नहीं दे सके। अविवाहित बेटे की मौत पर मां सुनीता व अविवाहित बहन शालिनी का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक युवक नशे का लती था जिसके चलते घर में अक्सर झगड़ा करता था। कोतवाल राजेश सिंह ने बताया कि युवक का शव फंदे से लटका मिला था पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया है।
केस चार :
मौरावां थानाक्षेत्र के पंसरिया गांव निवासी रिंकू रैदास (35) पुत्र रामसजीवन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका लखनऊ से उपचार चल रहा था। रोजी रोटी के लिए वह गांव में ही मजदूरी कर लेता था। मंगलवार सुबह वह घर से काम के लिए निकला। दोपहर किसी समय वापस घर पहुंच कर उसने कोठरी के अंदर धन्नी से रस्सी के फंदे पर लटक कर जान दे दी। देर शाम कोठरी के बाहर उसकी चप्पले रखी देख पत्नी सीमा ने कोठरी के अंदर झांका तो पति का शव फंदे से लटका देख उसकी चीख निकल गयी। मृतक तीन भाईयों में बीच का था। उसकी मौत मां प्रेमा, भाई रिंकू व मिंटू और बच्चे मयंक व काव्या का रो रोकर बुरा हाल है।
