बरेली: अंजाम-ए-मोहब्बत क्या होगा..! मुस्लिम बहुल वार्डों में चार प्रतिशत भी वोट न पाने वाली भाजपा ने डबल कर दिए प्रत्याशी
पिछले चुनाव में चार प्रत्याशी उतारे थे, परतापुर चौधरी में मिले थे सर्वाधिक 3.67 प्रतिशत वोट, इस बार आठ को दिया गया है टिकट, जो वार्ड खाली छोड़ा था, उसमें भी इस बार
बरेली, अमृत विचार : नगर निगम के पिछले चुनाव में भाजपा ने चार वार्डों में मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था लेकिन किसी भी वार्ड में उसे चार प्रतिशत वोट भी नहीं मिल पाए। इसके बावजूद भाजपा ने इस बार आठ मुसलमान प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा है। मुस्लिम इलाकों में पैठ बढ़ाने की यह रणनीति कितनी कामयाब रही, यह भी 13 मई को मतगणना के बाद पता चलेगा।
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पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा ने वार्ड- 34 परतापुर चौधरी से परवेज मियां को टिकट दिया था जिन्हें भाजपा के चारों मुस्लिम प्रत्याशियों में सर्वाधिक 3.67 प्रतिशत यानी 163 वोट ही मिले थे। वार्ड-73 बिधौलिया से भाजपा की प्रत्याशी मंदो बी को और भी कम 137 वोट मिले जो सिर्फ 2.33 फीसदी थे। वार्ड- 74 घेर शेख मिट्ठू से सैयद आरिफ को 74 ही वोट मिले जो 1.92 फीसदी थे।
वार्ड- 75 एजाजनगर से खड़ी की गई रूबी परवीन का वोट प्रतिशत 1.35 प्रतिशत था और उन्हें सिर्फ 77 वोट मिल पाए थे। चकमहमूद नगर और रबड़ी टोला मुस्लिम बहुल वार्ड में भाजपा ने पिछली बार कोई प्रत्याशी नही उतारा था। इंगलिश गंज और सूफी टोला के मुस्लिम बहुल होने के बावजूद दोनों वार्डों में गैर मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया लेकिन उनकी दशा भी कुछ अलग नहीं रही।
इंगलिशगंज में भाजपा को 1.12 फीसदी और सूफी टोला में 2.75 फीसदी ही वोट मिले। इस बार भाजपा ने रणनीति में कुछ बदलाव किया है। वार्ड- 28 फरीदापुर चौधरी में पिछली बार उपेंद्रनाथ को टिकट दिया था। मुस्लिम बहुल इस इलाके में उन्हें सिर्फ 361 वोट मिल पाए थे। सपा प्रत्याशी चार गुना से भी ज्यादा 1640 वोट लेकर जीता था। पिछली बार इस वार्ड में सात प्रत्याशी खड़े थे। जिनमें चार मुस्लिम थे। इस बार 10 प्रत्याशी हैं, जिनमें नौ मुस्लिम हैं।
भाजपा का भी इस बार मुस्लिम प्रत्याशी है। पिछली बार नई बस्ती वार्ड-71 में भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा था, मगर इस बार इस वार्ड को खाली नहीं छोड़ा है। बिधौलिया, घेरशेख मिठ्ठू, एजाज नगर, इंगलिशगंज, सूफी टोला और चकमहमूद नगर वार्ड से भी मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं।
वैसे भाजपा ने इस चुनाव में नौ वार्डों में मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे लेकिन नौंवे प्रत्याशी की पृष्ठभूमि बरेली में हुए दंगों और माफिया अतीक से जुड़ी निकली। मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद जब यह मुद्दा बना शुरू हुआ तो तो उसका टिकट वापस ले लिया गया। यह अलग बात है कि अब भी भाजपा के कई समर्थक उसे चुनाव लड़ा रहे हैं।
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