स्टिंग ऑपरेशन: ड्राइविंग नहीं आती… कोई बात नहीं, बन जाएगा लाइसेंस
बरेली, रजनेश सक्सेना। सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार बेहद गंभीर है। यही कारण है यातायात नियम का पालन न करने वालों पर सख्ती की जा रही है। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस चेक किए जा रहे हैं। सख्त के बाद संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ )में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ जुटना शुरू …
बरेली, रजनेश सक्सेना। सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार बेहद गंभीर है। यही कारण है यातायात नियम का पालन न करने वालों पर सख्ती की जा रही है। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस चेक किए जा रहे हैं। सख्त के बाद संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ )में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। कार्यालय में भीड़ बढ़ी तो कर्मचारियों ने नियमों की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दी।
एआरटीओ के यहां सभी नियम कायदे ताक पर रख दिए गए है। भ्रष्टाचार चरम पर हैं। ऐसे लोग जिन्हें कार या बाइक चलानी नहीं आती महज चंद रुपये देकर ये लोग टेस्ट पास कर लेते हैं। इसके बाद इनका ड्राइविंग लाइसेंस बनकर तैयार हो जाता है। इस पूरे खेल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधिकारियों तक शामिल हैं। सबकों सब कुछ पता है लेकिन आंखें बंद कर रखी हैं। कैसे होता है यह पूरा खेल समझिए। इस खास रिपोर्ट में…
सोमवार को अमृत विचार की टीम आरटीओ ऑफिस पहुंची। यहां पर लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ उमड़ी हुई थी। चिलमिलाती तेज धूप और कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच भी लाइसेंस बनवाने वालों की भीड़ मुख्य द्वार से लेकर अंदर सभी काउंटरों पर नजर आई। इसी बीच कुछ लोग बेहद आसानी से अपना लाइसेंस बनवाकर निकल जा रहे थे। पता चला कि इन सभी का लाइसेंस दलालों के जरिए बना है। दलालों से बात की तो पूरा मामला खुल गया। दलाल ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए क्या-क्या करना होगा। पढ़िए दलाल और रिपोर्टर के बीच हुई बातचीत…
रिपोर्टर- हमें डीएल बनवाना है, कैसे बनेगा?
दलाल- बन जाएगा, जो तारीख पड़ेगी बस उस पर आना पड़ेगा।
दलाल- आप कार चला लेते हैं या नहीं।
रिपोर्टर- सिर्फ बाइक चला पाते हैं कार चलानी नहीं आती, कोई दिक्कत है क्या?
दलाल- अगर नहीं आती है तो कोई समस्या नहीं, दो हजार रुपये का खर्च आएगा।
रिपोर्टर- लेकिन फीस तो दो हजार रुपये नहीं है, तो इतना क्यों? (इस पर दलाल को शक हुआ)
दलाल- आप करते क्या है?
रिपोर्टर- पहचान छिपाते हुए, हम एक निजी कंपनी में काम करते है। हमारे कई साथियों का लाइसेंस बनना हैं।
दलाल- ठीक है, लाइसेंस बनवाने के लिए ऊपर से लेकर नीचे तक सभी को पैसे देने पड़ते हैं।
रिपोर्टर- किसे-किसे कितने पैसे देने होंगे?
दलाल- अगर आपका लाइसेंस बना है तो एक हजार रुपये की फीस कटेगी, इसमें 50 रुपये वो लेगा जो कैफे वाला फीस काटेगा। 600 रुपये कार टेस्ट में पास कराने के जाएंगे। 300 रुपये बाबू लेगा और 100 रुपये मैं लूंगा यह सब काम कराने के। इस तरह से एक हजार रुपये सरकारी फीस और एक हजार रुपये खर्चें के। कुल 2000 रुपये खर्च होंगे।
रिपोर्टर- इसके बाद लाइसेंस कितने दिनों में बन जाएगा?
दलाल- समझो बन गया। 15-20 दिनों में लाइसेंस घर पहुंच जाएगा।
रिपोर्टर- ठीक है आप अपना नंबर दे दीजिए, दोबारा आएंगे तो कॉल करेंगे।
दलाल- ठीक है, कॉल जरूर करना, आने पर आसानी से बनवा देंगे।
कोई भी दलाल इस तरीके से लाइसेंस नहीं बनवा सकता, जब तक स्लॉट बुक है। इसके बाद भी यदि अधिकारियों से मिली भगत की बात सामने आ रही है तो मैं इस पर जांच कराता हूं। संबंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अनिल कुमार गुप्ता, आरटीओ, बरेली।
