बरेली:अफसरों ने छोड़ीं खामियां, खामियाजा भुगतेंगे मतदाता

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Edited By Amrit Vichar
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हरुनगला स्कूल में एक-एक कमरे में पर्दा डालकर बना दिए दो-दो बूथ, आने-जाने का दरवाजा एक, मतदाताओं को करना पड़ेगा लंबा इंतजार

बरेली, अमृत विचार : शहर के स्कूलों का कायाकल्प होने के बाद उनमें पहली बार नगर निगम का चुनाव हो रहा है। फिर भी कई ऐसी खामियां छोड़ दी गई हैं कि मतदाताओं को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। हरुनगला स्कूल में एक ही कमरे में पर्दा डालने के बाद दो-दो बूथ बना दिए गए हैं। यहां मतदान के दौरान मतदाताओं कों लंबी कतारों में लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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प्रशासन की ओर से ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए जागरूकता अभियान जरूर चलाए गए लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से पूरा नहीं किया गया। हरुनगला जूनियर हाईस्कूल में छह बूथ बनाए गए हैं। दो बूथ तो अलग-अलग कमरों में हैं लेकिन बाकी चार चार दो कमरों में ही बना दिए गए हैं। इन दो कमरों में बीच में पर्दा डालकर बूथों का पार्टीशन करने का इंतजाम कर दिया गया है।

एक कमरे के दोनों बूथों में मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए दरवाजा एक ही है लिहाजा इसका असर मतदान की रफ्तार पर पड़ना तय है। यही नहीं, एक कमरे में दो बूथ बनाए जाने के बाद उनमें गर्मी से राहत के लिए पंखे की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई। कर्मचारियों के मुताबिक वे रात में मच्छरों से परेशान रहे। स्कूल के शौचालय की तरफ लाइट का भी इंतजाम नहीं है।

मतदान केंद्रों की व्यवस्था देख रहे एक प्रशासनिक अधिकारी ने भी माना कि एक कमरे में दो बूथ बनाना ठीक नहीं है लेकिन अब अंतिम समय में कुछ नहीं हो सकता। प्राइमरी स्कूल भी इसी स्कूल के सामने है, जहां एक बूथ शिफ्ट किया जा सकता था।

नगर निगम के अफसरों ने बूथों का निरीक्षण किया था, लेकिन समस्या पर ध्यान नहीं दिया। शांति स्कूल का बूथ महर्षि विद्यालय में बनाया गया है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जकाती में भी एक कमरे में दो बूथ बनाए गए हैं।

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