बरेली: तीसरा बस अड्डा शहर में जाम से दिलाएगा राहत
बरेली,अमृत विचार। सेंट्रल जेल की खाली पड़ी जमीन पर रोडवेज बस अड्डे की सारी अड़चनें दूर होने से अब जिले के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। शहर में नावल्टी चौराहा के पास पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट पर दूसरे बस अड्डे के बाद यह परिवहन निगम की जिले में तीसरा बस अड्डा होगा। यहां से …
बरेली,अमृत विचार। सेंट्रल जेल की खाली पड़ी जमीन पर रोडवेज बस अड्डे की सारी अड़चनें दूर होने से अब जिले के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। शहर में नावल्टी चौराहा के पास पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट पर दूसरे बस अड्डे के बाद यह परिवहन निगम की जिले में तीसरा बस अड्डा होगा। यहां से दिल्ली, उत्तराखंड, देहरादून, हरिद्वार, लखनऊ के लिए बसों का संचालन किया जाएगा।
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि इस बस अड्डे के शुरू होने से दूसरे बस अड्डों का करीब 65 फीसदी बोझ कम हो जाएगा। नावल्टी चौराहे के पास पुराना बस अड्डे से बदायूं, कासगंज, एटा, अलीगढ़ रूट की बसों का संचालन होगा। लखनऊ जाने वाली बसें सेटेलाइट बस अड्डे से होकर गुजरेंगी।
बता दें कि सोमवार को सेंट्रल जेल की जमीन संभागीय परिवहन विभाग के नाम कर दी गई। जल्द ही जमीन पर कब्जा लेकर यहां निर्माण कार्य शुरू कराएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो वर्षों में यह बस अड्डा बनकर तैयार हो जाएगा। सेंट्रल जेल की खाली पड़ी जमीन पर लंबे समय से बस अड्डा बनाने की कवायद चल रही थी, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी था। पिछले दिनों प्रशासन की रिपोर्ट जाने के बाद साफ हो गया कि बस अड्डा सेंट्रल जेल की जमीन पर ही बनेगा।
नए बस अड्डे से होगा 300 बसों का संचालन
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी ने बताया कि पुराने बस अड्डे से इन दिनों करीब 500 बसों का संचालन किया जाता है। इज्जतनगर में बनने वाला बस अड्डा शुरू हो जाएगा तो वहां से करीब 300 बसों का संचालन किया जाएगा। इसके बाद पुराने बस अड्डे से महज 150-200 बसों का ही संचालन हुआ करेगा। पुराना बस अड्डा शहर के बीचोंबीच स्थित है। बसों के यहां से आने-जाने के दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। बसों का बोझ कम होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
