Nikay Chunav Results 2023 : अमरोहा में भाजपा का मुस्लिम फैक्टर नहीं आया काम
तीन नगर पंचायतों में मुस्लिम उम्मीदवारों को थमाया था टिकट, एक प्रत्याशी ने भी दर्ज नहीं की जीत, न ही दूसरे नंबर पर आया
मनोज पंवार, अमृत विचार। भाजपा ने नगर निकाय चुनाव में लोकसभा चुनाव को देखते हुए मुस्लिमों पर भी दांव खेला और जिले की तीन नगर पंचायतों में मुस्लिमों को टिकट दिए। अप्रैल में अमरोहा आए मुख्यमंत्री के मंच पर तीनों उम्मीदवारों ने अपनी बात रखी थी। योगी आदित्यनाथ ने भी तीनों का नाम लेकर वोट मांगे थे, लेकिन भाजपा का यह दांव काम नहीं आ सका और तीनों ही उम्मीदवार हार गए। इतना ही नहीं तीनों ही उम्मीदवार दूसरे नंबर पर भी नहीं आ सके। हालांकि इन तीनों नगर पंचायतों में जोया, उझारी और नौगांवा सादात में जीतने वाले उम्मीदवार भी मुस्लिम ही हैं।
भाजपा ने पहली बार नगर निकाय चुनाव में जनपद की तीन नगर पंचायतों में मुस्लिमों को टिकट दिया। जिसमें जोया नगर पंचायत से अब्दुल कलाम, उझारी से वसीम अल्वी और नौगांवा नगर पंचायत से मुस्लिमा खातून को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। एक भाजपा नेता ने बताया कि वर्ष 2017 में भी उझारी नगर पंचायत में एक मुस्लिम को टिकट दिया गया था। हालांकि उझारी नगर पंचायत से चुनाव लड़े उम्मीदवार हजार की संख्या पर पहुंच गए। उन्होंने 2265 मत प्राप्त किए। जोया उम्मीदवार ने 1343 मत प्राप्त किए और नौगावां सादात नगर पंचायत मुस्लिमा खातून ने 580 वोट प्राप्त किए। तीनों ही उम्मीदवार दूसरे या तीसरे नंबर पर भी नहीं आ सके। लेकिन यहां पर जीतने वाले तीनों ही उम्मीदवार मुस्लिम हैं, जिसमें उझारी नगर पंचायत से कांठ विधायक कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर हैं।
जोया से आप उम्मीदवार जुबैर अहमद और नौगांवा सादात से रालोद उम्मीदवार सुबीना जैदी ने जीत हासिल की। एक तरह से भाजपा ने यह प्रयोग लोकसभा चुनाव को देखते हुए किया है। भले ही मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव न जीते हों, लेकिन दो नगर पंचायतों में वोट हजार से ज्यादा प्राप्त किए हैं। धीरे-धीरे भाजपा भी मुस्लिमों में भी अपनी पैंठ बनाने में लगी है। भाजपा का नारा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है, लेकिन अभी पूरी तरह से मुस्लिमों में नहीं उतर पा रहा है। अमरोहा में भी भाजपा उम्मीदवार को बसपा उम्मीदवार ने अच्छी खासी टक्कर दी। हालांकि, भाजपा अमरोहा से चुनाव जीत गई। लेकिन पार्टी लोकसभा चुनाव को देखते हुए अपनी रणनीति बनाने में लगी है।
मंडी धनौरा विधानसभा में तीनों सीट हारी भाजपा
अमरोहा। मंडी धनौरा विधानसभा क्षेत्र में आने वाली तीनों नगर पालिकाओं में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। यहां से विधायक राजीव तरारा और पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल को झटका लगा है, क्योंकि दोनों ही तीनों उम्मीदवारों को पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा रहे थे। गजरौला में तो पूर्व सांसद ने पूरी तरह से कमाल संभाल रखी थी, लेकिन यहां पर पार्टी के अंदर ही भीतरघात हुआ। सूत्रों की मानें तो उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी एक तरह से किनारा कर लिया।
हालांकि इस चुनाव से पहले भी भाजपा का ही कब्जा था और उससे पहले भी पूर्व विधायक हरपाल सिंह भाजपा के चेयरमैन रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने बसपा के टिकट पर अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाकर नगर पालिका का चुनाव जीत लिया। इतना ही नहीं बछरायूं में भी पार्टी पालिका का चुनाव नहीं जीत सकी। इसके साथ ही मंडी धनौरा नगर पालिका में दो बार लगातार सीट पर कब्जा करने वाली भाजपा इस बार चुनाव हार गई। इससे भाजपा विधायक की साख को झटका लगा है। हालांकि, विधायक राजीव तरारा 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार विधायक बने, लेकिन नगर निकाय चुनाव में सीट हार गए। धनौरा में राजेश सैनी चुनाव हार गए और बसपा के प्रवीण अग्रवाल ने बाजी मार ली। बताया जा रहा है कि यहां एक वर्ग भाजपा उम्मीदवार से नाराज था, जिसका नुकसान उठाना पड़ा।
खाता नहीं खोल पाई कांग्रेस
अमरोहा। नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस उमीदवार तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इनके प्रत्याशियों की हालात खस्ता रही। पार्टी ने सभी नगर निकाय में अपने उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी निकाय में पार्टी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाए। अभी जिले में कांग्रेस की हालत पतली बनी हुई है।
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