Kanpur News : Atiq-Ashraf की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर की थी हत्या, हत्यारा लवलेश तिवारी वेपन का शौकीन...
अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले हत्यारे लवलेश को शूटर लवलेश तिवारी को लाइसेंसी असलहों का शौक था।
प्रयागराज में अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले हत्यारे लवलेश को शूटर लवलेश तिवारी को लाइसेंसी असलहों का शौक था। वह अक्सर शादी समारोह में हर्ष फायरिंग करता था। शूटर लवलेश को फोटोग्राफी का भी शौक था।
कानपुर, अमृत विचार। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले एक शूटर को वेपन चलाने और फोटोग्राफी का शौक था। उसके पास खुद का तो कोई लाइसेंसी वेपन नहीं था, लेकिन वह दूसरों के लाइसेंसी वेपन से फायर करता था और वेपन के साथ फोटो भी खिंचवाता था। अब जब उसका माफिया ब्रदर्स की हत्या में नाम सामने आया तो उसको अपना वेपन देने वालों के होश उड़ गए है। वे लोग अब कुछ भी बोलने से बच रहे है। इसे बारे में एसटीएफ को भी पता चल गया है। अब एसटीएफ यह जांच कर रही है कि कहीं इन असरदार लोगों में से किसी ने शूटर को पिस्टल तो नहीं दी थी। जिससे उसने हत्या को अंजाम दिया।
प्रयागराज में 15 अप्रैल को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस के सामने शूटर लवलेश तिवारी, सनी और अरुण ने दोनों को गोलियों से छलनी कर दिया था। इसके बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। एसटीएफ ने तीनों को कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ की, लेकिन एसटीएफ तीनों से कोई अहम राज नहीं उगलवा सकी है।
एसटीएफ यह भी पता नहीं लगा पाई है कि तीनों के पास इतनी महंगी विदेशी पिस्टल कैसे आई? इस बीच सोशल मीडिया में शूटर लवलेश तिवारी की दो फोटो सामने आ गई है। जिसमें वह लाइसेंसी वेपन लिए है। इसमें एक फोटो में वह पिस्टल लिए है, जबकि दूसरी फोटो बंदूक के साथ है। दोनों फोटो कुछ साल पुरानी है, लेकिन जब इन फोटो के बारे में पड़ताल की गई तो कई अहम जानकारी सामने आ गई है।
पता चला है कि लवलेश को हथियार चलाने का शौक था। वह अक्सर शादी या अन्य समारोह में दूसरों के लाइसेंसी वेपन लेकर उनसे फायर करता था। वह काफी अच्छा निशानेबाज था। जंगल में नील गाय समेत अन्य जानवर का शिकार करने वाले लोग उसको अपने साथ ले जाते थे। वह शाकाहारी था, लेकिन उसको शिकार करना पसंद था। इसी तरह लवलेश को घूमने और फोटोग्राफी का भी शौक था। वह अक्सर दोस्तों के साथ धार्मिक स्थलों पर जाता था।
इस वजह से उसका गांव से लेकर कई शहरों में नेटवर्क जम गया था। शुरुआत से दबंग प्रवृत्ति का होने की वजह से उसके संबंध ज्यादातर असरदार लोगों से ही थे। पड़ताल में यह भी सामने आया कि लवलेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन लवलेश के पास पैसे की कोई कमी नहीं रहती थी। उसके जानने वाले लोग मदद के लिए खड़े रहते थे।
एसटीएफ को इन दोनों फोटो के बारे में और लवलेश के हर मूवमेंट के बारे में जानकारी हासिल हो चुकी है। एसटीएफ ने लवलेश के उन करीबी लोगों की लिस्ट बनाकर पड़ताल भी शुरू कर दी है। जिसके पास कोई न कोई असलहा है या वे किसी न किसी अपराध से जुड़े है। एसटीएफ का सबसे ज्यादा फोकस प्रयागराज और से जुड़े लवलेश के करीबी लोगों पर है। एसटीएफ का मानना है कि इससे उस कड़ी का पता चल सकता है, जिसके जरिए लवलेश और अन्य शूटर को विदेशी पिस्टल मुहैया कराई गई थी।
