अमरोहा: खैर की लकड़ी से लदा वाहन पकड़ा, तीन गिरफ्तार
10 लाख रुपये बताई जा रही है कीमत
अमरोहा/मंडी धनौरा, अमृत विचार : पुलिस ने चैकिंग के दौरान एक वाहन में अवैध रूप से ले जाई जा रही खैर की लकड़ी पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर खैर की लकड़ी लदे वाहन को जब्त कर लिया है। सोमवार को पुलिस ग्राम पालनपुर नहर पुल पर चेकिंग कर रही थी। तभी सामने से एक वाहन (आयशर कैंटर) आता दिखाई दिया।
पुलिस ने शक के आधार पर वाहन रोककर तलाशी ली तो उसमें प्रतिबंधित खैर की लकड़ी मिली। लकड़ी की तस्करी करने वाले शबाबुल हसन पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी ग्राम अतरासी थाना रजबपुर जनपद अमरोहा, आशिफ उर्फ इंसाफ पुत्र बद्दे व नौसाद पुत्र बब्बू निवासी ग्राम शेरपुर थाना मंडी धनौरा जनपद अमरोहा को गिरफ्तार किया गया।
जिनके कब्जे से वाहन में तिरपाल के नीचे छिपाकर रखी हुई 1.25 क्विंटल प्रतिबंधित खैर की लकड़ी मिली। जिसकी कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस पूछताछ में तस्करों ने बताया कि आर्थिक लाभ लेने के लिए जंगल से काफी दिनों से थोड़ी-थोड़ी लकड़ी चोरी छिपे काटकर जंगल मे ही जमा कर रखा था। मौका पाकर लकड़ी को वाहन में भरकर बेचने के लिये जा रहे थे।
थाना प्रभारी निरीक्षक निशांत राठी ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान तीन लोगों को खैर की लकड़ी की तस्करी करते गिरफ्तार किया गया है। तीनों तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम मे थानाध्यक्ष निशांत कुमार राठी, उपनिरीक्षक सुक्रमपाल राणा, धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल नितिन कुमार, रवेन्द्र कुमार व अजीत उज्जवल मौजूद रहे।
आखिरकार कहां जाती है खैर की लकड़ी: खैर की लकड़ी का प्रयोग कत्था तैयार करने के लिए किया जाता है। हालांकि क्षेत्र के आसपास कहीं भी कत्था बनाने का कारखाना स्थापित नहीं है। ऐसे में यह सवाल है कि आखिरकार खैर की लकड़ी तस्करी कर कहां ले जाई जा रही थी।
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