अयोध्या : निकाय चुनाव में मतदाता सूची से विलुप्त वोटरों की नहीं कोई सुधि
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सहारे बीएलओ ने बना डाली मतदाता सूची
अमृत विचार, अयोध्या। नगरीय निकाय चुनाव निपट गया, जिन्हें जीतना था वह जीत गए, बधाईयों का दौर भी निपटने को है लेकिन इस हो-हल्ले के बीच मतदाता सूची से विलुप्त हुए वोटरों की किसी को सुधि नहीं है। ऐसा नहीं है कि यह केवल नगरीय निकाय चुनाव में हुआ बल्कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव भी यह संकट सामने आता है लेकिन नतीजों के बाद सब भूल जाते हैं।
इस बार भी नगरीय निकाय चुनाव में 11 मई को हुए मतदान के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी की बड़ी शिकायतें सामने आईं। नगर निगम क्षेत्र में ऐसा एक भी मतदान केंद्र नहीं रहा जहां बड़ी संख्या में मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण मतदान से लोग वंचित न हुए हों। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बीएलओ की लापरवाही और राजनीतिक दलों की उदासीनता सामने आई है। बीएलओ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के सहारे मतदाता सूची बना डाली घर - घर जाने की जहमत नहीं उठाई। केवल निगम क्षेत्र ही नहीं सभी सातों निकाय क्षेत्रों में यह संकट रहा। अब जब चुनाव निपट गया है तो हर चुनाव में सामने आने वाले इस मुद्दे को लेकर कोई भी मुखर नहीं है। मतदाता भी थकहार कर घर बैठ गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन अमित सिंह का कहना है कि बूथों पर सूची में नाम घटाने बढ़ाने के लिए कैम्प लगाए गए थे। बताया कि कोई लिखित शिकायत किसी बीएलओ की हो तो जांच की जा सकती है।
छह गांवों के सैकड़ों लोग मतदान के अधिकार से हुए वंचित
नगरीय निकाय चुनाव में अबकी बीएलओ की लापरवाही से नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के जिवपुर , बिबियापुर, कल्याण भदरसा, भदरसा बाहर, कैल समेत आसपास के वार्डों के बड़ी संख्या में मतदाता मताधिकार से का वंचित रह गये। सबसे ज्यादा खराब दशा प्राथमिक विद्यालय जिवपुर के कक्ष संख्या 1 की रही। पूर्व के दोनों वार्डों को मिलाकर संत रैदास वार्ड संख्या 11 बना दिया गया। दशकों के मतदाता राम शंकर साहू का पूरा परिवार ही मतदाता सूची से गायब कर दिया गया। ऐसी ही स्थिति प्रदीप गुप्ता के परिवार की रही। न उनका नाम था न परिवार के किसी सदस्य का। जबकि सभी के पास मतदाता पहचान पत्र भी था। विगत विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया। संत रैदास वार्ड के बृजश्याम साहू व उनका परिवार भी मतदान से महरुम रह गया। लोगों ने स्थानीय बीएलओ पर व्यक्ति विशेष के घर बैठकर जानबूझकर वोट काटने का आरोप लगाया है।
जिवपुर के संतोष गुप्ता आधार अपना वोटर कार्ड लेकर मत डालने पहुंचे तो घंटों लाइन में लगने के बाद उन्हें लौटा दिया गया। वोट डालने के लिये पहुंचे सूरज पुत्र राम बहादुर को भी निराशा ही हाथ लगी थी। इस संबंध में बीएलओ सुनीता पांडेय और सविता सोनकर से बात की गई तो उन्होंने इसे तहसील प्रशासन की गड़बड़ी बताई। वहीं तहसीलदार सोहावल पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि तहसील कार्यालय से किसी गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होती है यदि नाम छूटे हैं तो उसको मतदाता सूची में पुनः शामिल करने की जिम्मेदारी भी बीएलओ की है।
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