Kashipur News : सरकारी अस्पताल में भटकने को विवश हैं हड्डी के रोगी, सात महीने से खाली पड़ा है हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद
कुंदन बिष्ट, काशीपुर, अमृत विचार। जिले के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एलडी भट्ट में लंबे समय से हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। करीब सात महीने पहले यहां संबद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ की संबद्धता खत्म होने के बाद से अब तक किसी भी अन्य डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
काशीपुर के सरकारी अस्पताल में काशीपुर के अलावा यूपी के ठाकुरद्वारा, रामपुर, बिजनौर, नगीना समेत सीमावर्ती कस्बों और रामनगर, सल्ट, बेतालघाट, रानीखेत तक से मरीज आते हैं। वर्ष 2008 में ट्रामा सेंटर बनने के बाद यहां सड़क हादसों के मरीज भी आ रहे हैं। करीब पांच साल पहले यहां स्थाई हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सुंदरियाल तैनात थे। उनके नौकरी छोड़ने के बाद से रिक्त पद पर हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है।
इस अवधि में संविदा पर चार हड्डी रोग विशेषज्ञ आए, जो कुछ समय काम करने के बाद नौकरी छोड़कर चले गए। इसके बाद गदरपुर में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान को विभाग ने काशीपुर सरकारी अस्पताल से संबद्ध किया था।
इस दौरान अस्पताल में महीने भर में औसतन 35-40 ऑपरेशन होते थे। लेकिन अक्तूबर 2022 में डॉ. चौहान की संबद्धता खत्म कर दी गई। तब से सरकारी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद खाली चल रहा है। वहीं करीब दो महीने नेत्र चिकित्सक भी खाली पड़ा है। ऐसे में हड्डी रोगियों और नेत्र रोगियों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
अस्पताल में लंबे समय से रिक्त चल रहे विशेषज्ञों के पदों की जानकारी है, जिसके लिए मुख्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। संभवत: मई माह के अंत तक रिक्त पद तैनाती होने की संभावना है - डॉ. मनोज कुमार शर्मा, सीएमओ, ऊधम सिंह नगर।
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