नई उड़ान को तैयार Kanpur, देश भर के लिए कर सकेंगे सफर, 26 मई को CM करेंगे उद्घाटन, इन जगह के लिए मिलेंगे जहाज
कानपुर नई उड़ान के लिए तैयार है।
कानपुर नई उड़ान के लिए तैयार है। यहां से देश भर के लिए जहाज मिलेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एलान। 26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उद्घाटन होगा।
कानपुर, अमृत विचार। अहमदाबाद हो या कोलकाता, वह दिन दूर नहीं जब कानपुर वालों को हवाई जहाज से इन शहरों की यात्रा के लिए लखनऊ जाने की जरूरत नहीं होगी। कानपुर अब नई उड़ान भरने के लिए तैयार है। हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन 26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को इसका एलान किया।
कानपुर में हवाई सेवाओं की दुरूह दशा किसी से छिपी नहीं है। लोग यहां से नियमित व अनुशासित उड़ान सेवाओं के लिए वर्षों से प्रतीक्षारत हैं। कानपुर हवाई अड्डे का बहुप्रतीक्षित नया टर्मिनल शुरू होने में हो रही देरी बेचैनी और बढ़ा रहा था। अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ट्वीट कर घोषणा कर दी कि हवाई यात्रियों की निरंतर बढ़ती संख्या को देखते हुए कानपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का निर्माण पूरा हो गया है। 26 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा।
सिंधिया ने ट्वीट में कानपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल से भारत के विकास इंजन उत्तर प्रदेश को नई उड़ान मिलने की बात कही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह टर्मिनल शहर और पूरे राज्य के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान कानपुर में नए टर्मिनल का उद्घाटन करने आने की बात कह गए थे।
उड़ानों की संख्या बढ़ाना होगा आसान
नए टर्मिनल से उड़ानों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की सर्वे रिपोर्ट के तहत एक साल के भीतर यहां से कम-से-कम 20 उड़ानें संचालित होंगी। अभी एयरपोर्ट से मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु की उड़ाने हैं। ये उड़ानें अक्सर निरस्त हो जाती हैं। इसके पीछे मौजूदा टर्मिनल में मानकों के अनुरूप सुविधाएं न होना बड़ा कारण है। अब अत्याधुनिक टर्मिनल बनने से हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलाकाता की उड़ाने शुरू हो जाएंगी।
इससे दार्जिलिंग व गंगटोक जाना भी आसान होगा। वाराणसी के लिए भी यहां से विमान सेवा शुरू होगी। इन सभी उड़ानों की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इसके अलावा क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय की उड़ान योजना के चौथे चरण में 78 नए रूट शामिल किये गए थे। इनमें कानपुर से प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली और गोरखपुर को जोड़ा गया था। नए टर्मिनल से इन शहरों के लिए विमान संचालन का पथ प्रशस्त हो जाएगा।
16 की जगह 42 महीने में हुआ काम
परियोजना को मंजूरी के बाद नए टर्मिनल का अक्टूबर 2019 में निर्माण शुरू हुआ था। काम 16 माह में पूरा करना था, लेकिन काम पूरा होने में 42 महीने लग गए। वर्ष 2022 में लगातार तिथि बढ़ती रही। तीसरी बार 31 मार्च, चौथी बार 30 मई, पांचवीं बार 15 अगस्त और छठवीं बार 31 दिसंबर 2022 तक काम खत्म करने की बात कही गयी। अंतत: 42 माह में काम पूरा हुआ और 26 मई को उद्घाटन की राह खुली।
6243 वर्ग मीटर में 143 करोड़ खर्च
कुल 47 एकड़ क्षेत्र में फैले नए टर्मिनल में 6243 वर्ग मीटर में मुख्य भवन का निर्माण किया गया है। इस पर 143 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। नया टर्मिनल मौजूदा टर्मिनल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है। चार लेन सड़क बनाकर इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (जीटी रोड) से जोड़ा गया है। साजसज्जा का विशेष ध्यान रखा गया है। नए टर्मिनल में प्रवेश करते हुए यात्रियों को कानपुर के स्वर्णिम अतीत का स्मरण भी होगा।
एक समय में रहेंगे तीन सौ यात्री
नए टर्मिनल भवन में 8 चेक-इन काउंटर, सामान के लिए 3 कन्वेयर बेल्ट व दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह एक समय में तीन सौ यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित कर सकेगा। यहां 150 कारों और दो बसों की पार्किंग की सुविधा होगी। एक वीआईपी लाउंज भी बनकर तैयार हो गया है। बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर रूम होगा। एक कांफ्रेंस रूम भी बनाया गया है। टर्मिनल में चौदह दुकानें बनी हैं, जिन्हें किराये पर उठाया जाएगा। टिकट खरीदने के लिए चार काउंटर भी हैं।
आपात स्थिति मे उतरेगा लड़ाकू विमान
नए टर्मिनल पर आपात स्थिति में लड़ाकू विमान तक उतर सकेगा। इसके लिए टर्मिनल भवन से मुख्य रनवे तक 712 मीटर लंबा फोर-लेयर टैक्सी लिंक-वे बनाया गया है। लड़ाकू विमान उतरने में दिक्कत न हो, इसके लिए रनवे की चौथी लेयर को विशेष कंक्रीट से तैयार किया गया है। यहां तीन बोइंग-321 विमान एक साथ खड़े किए जा सकेंगे।
