कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया कांग्रेस आलाकमान की कठपुतली बन गए हैं: भाजपा

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बेंगलुरु। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने शनिवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अपने मंत्रिमंडल में अपनी पसंद के मंत्री चुनने की आजादी नहीं है। कटील ने कांग्रेस महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल द्वारा सिद्धरमैया को लिखा गया पत्र अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि नए मुख्यमंत्री पहले दिन से ही कांग्रेस आलाकमान की कठपुतली बन गए हैं। 

पत्र में, वेणुगोपाल ने आठ विधायकों की सूची साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष एम मल्लिकार्जुन खरगे ने कैबिनेट मंत्रियों के रूप में उनके नामों को मंजूरी दे दी है। वेणुगोपाल ने पत्र में लिखा, आपसे यह देखने का अनुरोध किया जाता है कि इस निर्णय को उपयुक्त कानून के प्रावधानों के अनुसार क्रियान्वित किया जाए।" कटील ने ट्वीट किया, "यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि सिद्धरमैया को यह तय करने की स्वतंत्रता नहीं है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में किसे मंत्री बनाया जाना चाहिए। समाजवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले सिद्धरमैया पहले दिन से ही कांग्रेस आलाकमान की कठपुतली और ‘रबड़ स्टाम्प’ मुख्यमंत्री बन गए हैं। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। सिद्धरमैया के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने भी शपथ ग्रहण की, जो राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री होंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर, एम बी पाटिल, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे, वरिष्ठ नेता के एच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, सतीश जार्कीहोली, रामालिंगा रेड्डी और बी जेड जमीर अहमद खान ने मंत्री पद की शपथ ली।

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