अमरोहा : लॉटरी का झांसा देकर कारोबारी से पांच लाख रुपये हड़पे, मेडिकल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमरोहा, अमृत विचार। मेडिकल स्टोर संचालक ने लॉटरी का झांसा देकर कारोबारी से पांख रुपये हड़प लिए। तय समय पर न मुनाफा मिला और न ही रकम वापस मिली। जब रास्ते में रोककर पैसों के लिए कहा तो लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर डराया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने अदालत के आदेश पर मेडिकल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
देहात थाना क्षेत्र के गांव मोहल्ला बंबूगढ़ में छत्रपाल सिंह का परिवार रहता है। इनके बेटे राजकुमार ने बिजली का सामान बेचने की दुकान खोल रखी है। शहर कोतवाली के मोहल्ला पीरगढ़ निवासी मेडिकल संचालक उधम सिंह ने सदस्य बनाकर एक लॉटरी योजना चला रखी थी। इस कमेटी में राजकुमार भी शामिल थे। उन्होंने 12 किस्त में तीन लाख 34 हजार 420 रुपये जमा कराए थे, जबकि 53 हजार 700 रुपये पहली लॉटरी के बाकी बचे थे।
राजकुमार का आरोप है कि मेडिकल संचालक ने पिछले साल फरवरी में बेईमानी की नीयत से बंद कर दिया। जब राजकुमार ने अपने रुपये वापस मांगे तो मेडिकल संचालक ने उनकी पूरी धनराशि को दूसरी लॉटरी में समायोजित करने की बात कही। इस तरह हर महीने लॉटरी की धनराशि मोहल्ला पीरगढ़ निवासी अजय सैनी लेकर जाता था। राजकुमार का आरोप है कि मेडिकल संचालक ने किस्त जमा करवाकर करीब 5.8 रुपये हड़प लिए। जब रुपये मांगे तो गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला तो अदालत की शरण ली। पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर विजय कुमार राणा ने बताया कि इस मामले में अदालत के आदेश पर मेडिकल संचालक उधम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
भूमि हड़पने की कोशिश में दो सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
अमरोहा । करीब 39 साल पहले दो रुपये के स्टांप पर लिखे गए फर्जी इकरारनामे से कीमती भूमि हड़पने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दो सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला घेर पच्छईयां में सुहैल अहमद का परिवार रहता है। शहर में ही जटीवन के पास उनकी खेती की कुछ भूमि है। आरोप है कि मोहल्ला किशनगढ़ निवासी कुछ लोग काफी समय से उनकी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने की फिराक में हैं। इस पर अपना दावा पेश करने के लिए इन लोगों ने 39 साल पुराने दो रुपये के स्टांप पर गैर रजिस्टर्ड फर्जी इकरारनामा भी तैयार करा रखा है, जबकि राजस्व रिकार्ड में सुहैल अहमद इस भूमि के कई सालों से मालिक हैं।
आरोप के अनुसार तीन अप्रैल की दोपहर में हथियारों से लैस कुछ लोगों ने भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया तो पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। आरोपियों ने वहां फर्जी इकरारनामे की फोटो कॉपी दिखा दी। पीड़ित की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो अदालत की शरण ली। पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर विजय कुमार राणा ने बताया कि अदालत के आदेश पर मोहल्ला किशनगढ़ निवासी दलपत, हरि सिंह, महेंद्र सैनी व मोनू के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने, धमकी व मारपीट के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
साइबर सेल ने वापस कराई रकम
अमरोहा। साइबर सेल ने एक व्यक्ति से धोखाधड़ी करके यूपीआई के जरिए 30,000 रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। इस मामले में तीन अप्रैल को शिकायत की गई थी। रहरा थाना क्षेत्र के गांव छपना निवासी प्रिंस कुमार ने पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे को एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें कहा कि साइबर अपराधियों ने यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से 30,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। एसपी के आदेश पर शिकायत की जांच साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक रणवीर सिंह को दी गई। उन्होंने अपनी टीम के साथ साइबर अपराधियों को ट्रेस किया। इसके बाद प्रिंस कुमार के बैंक खाते में रुपये वापस आ गए।
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