Fatehpur News : टार्च की रोशनी जलाकर ENT ने देखे मरीज, जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का वीडियो वायरल

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Edited By Amrit Vichar
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फतेहपुर के जिला अस्पताल में ईएनटी ने टार्च की रोशनी जलाकर मरीज देखे।

फतेहपुर के जिला अस्पताल में ईएनटी ने टार्च की रोशनी जलाकर मरीज देखे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का वीडियो वायरल हो रहा।

फतेहपुर, अमृत विचार। जिला अस्पताल का हुलिया बदलने का नाम नहीं ले रहा है। अव्यवस्थाओं के बीच कई ऐसे दृश्य जब तब सामने आ रहे हैं, जो मौजूदा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में ईएनटी सर्जन को मोबाइल की टार्च का सहारा लेते देखा जा रहा है। इस वायरल हकीकत पर बेशक जिम्मेदार, यह कहकर बचने का प्रयास कर रहे हैं कि बिजली जाते ही जनरेटर चलवाया गया।

विशेषज्ञ चिकित्सक को अंधेरा होने पर अपना काम बंद कर देना चाहिए था लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसी नौबत आई ही क्यों जब इस अस्पताल के लिए पहले से ही सेप्रेट लाइन की व्यवस्था मिली है।

जिला अस्पताल में माया सरकार में सेप्रेट लाइन का तोहफा मिला था। यह दीगर बात रही कि इसे वजूद मिलने में वर्ष 2006 का वक्त बीत गया। जिला अस्पताल की सेवाओं को बिजली के चलते अवरोध न होने इस पर राधा नगर से जिला अस्पताल तक सेप्रेट लाइन खींच कर लाई गई थी। इस व्यवस्था का शुरूआती फायदा मिलने के बाद यहां की बिजली को जेनरेटर की जरूरत पड़ने लगी।

मौजूदा वक्त जिले का सबसे बड़ा अस्पतालठाकुर जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय से संबंद्ध है। ऐसे में यहां की सेवाएं बेहतर नजर आनी चाहिए  लेकिन ऐसा हो नहीं हो पा रहा है। मंगलवार की ओपीडी में जो कुछ भी दिखा वह यहां की सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाला रहा। ओपीडी के कमरा नंबर चार में ईएनटी डॉ़ नवीन कुमार मरीज देख रहे थे। तभी बत्ती गुल हो गई। जिस पर कई मरीज बाहर आ गए।

जबकि तमाम चेंबर के अंदर ही रुके रहे। जिस पर उन्होंने मोबाइल की टार्च जलाकर मरीज देखने लगे। सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को सरकार करोड़ों का बजट आवंटित करती है। इसके बावजूद यह भारी भरकम राशि से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का भला नहीं हो पा रहा है। 

विद्युत आपूर्ति बंद होने पर जनरेटर चलवाया जाता है। आज भी ऐसा ही किया गया। बत्ती भी आ गई। कमरा नंबर के चिकित्सक को बिजली न होने पर मरीज नहीं देखना चाहिए था लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वह उस वक्त वे इस स्थिति में रहे होंगे क्योंकि इस वक्त मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।- जी.पी. शर्मा, कार्यवाहक सीएमएस, जिला अस्पताल (पुरुष)

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