World Thyroid Day 2023 : असंतुलित खानपान व तनावपूर्ण जीवनशैली से बढ़ता है थायरॉइड, सेमिनार में छात्राओं ने रखे विचार
गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कालेज में थायरॉइड दिवस पर सेमिनार में विचार रखतीं प्रोफेसर व उपस्थित प्राचार्य व अन्य।
मुरादाबाद। थायरॉइड दिवस पर गुरुवार को गोकुलदास हिन्दू गर्ल्स कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग के द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने थायरॉइड बीमारी से सम्बंधित जानकारी साझा की। महाविद्यालय की प्राचार्या चारु मेहरोत्रा ने कहा कि थायरॉइड से सम्बन्धित बीमारी मुख्य रूप से अस्वस्थ खान-पान और तनावपूर्ण जीवनशैली से होती होती है। ऐसे में सबसे पहले अपने खान-पान का ध्यान रखें और तनाव लेने से बचें।
थायरॉइड के इलाज के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।थायरॉयड हार्मोन की कमी के कारण महिला और पुरुषों दोनों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। थायरॉयड हार्मोन में कमी के कारण व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, थकान, वजन कम या ज्यादा होने लगता है। इससे कई तरह की बीमारियां होती है। थायरॉयड में गड़बड़ियों की वजह से गले में सूजन या गला मोटा होने लगता है। थायरॉइड ग्रंथि जब शरीर के लिए पर्याप्त हार्मोन पैदा नहीं कर पाती, तो इसे 'हाइपो-थायरॉइडिज़्म' कहा जाता है, जिसमें शरीर पहले जैसा सक्रिय नहीं रहता और इसके रोगी जल्दी थक जाते हैं।
वहीं यदि थायरॉइड ग्रंथि ज़्यादा हार्मोन पैदा करने लगे, तो इस समस्या को हाइपर-थायरॉइडिज़्म' कहते हैं। ऐसे में मरीज़ों की हालत उस इंसान जैसी होती है, जिसने बहुत ज़्यादा कैफ़ीन ले लिया हो। प्रोफेसर अंजना दास ने कहा कि क़रीब एक तिहाई लोगों को पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी से पीड़ित हैं। वैसे यह बीमारी महिलाओं में ज़्यादा पाई जाती है । कार्यक्रम का संयोजन और संचालन रसायन विज्ञान प्रभारी डॉ सविता अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में तबस्सुम व अंजना अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। गृह विज्ञान की छात्राओं नीतू, निधि, रमशा, गौसिया मेहरीन, इफरा, रिया शर्मा आदि ने प्रतिभाग किया।
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