बरेली: निराधार साबित हो रहे त्रुटियुक्त आधार

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अश्वनी शर्मा, बरेली। राशन, सिम, बैंक, एलपीजी गैस समेत अधिकांश जरूरी कार्यों में प्रयोग किए जाने के लिए लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए, लेकिन आधार बनाने के दौरान उनमें तमाम त्रुटियां छोड़ दी गईं, जिससे वे लोगों के लिए निराधार साबित हो रहे हैं। इसकी पुष्टि इस बात से हो रही है कि मंडल …

अश्वनी शर्मा, बरेली। राशन, सिम, बैंक, एलपीजी गैस समेत अधिकांश जरूरी कार्यों में प्रयोग किए जाने के लिए लोगों के आधार कार्ड बनवाए गए, लेकिन आधार बनाने के दौरान उनमें तमाम त्रुटियां छोड़ दी गईं, जिससे वे लोगों के लिए निराधार साबित हो रहे हैं। इसकी पुष्टि इस बात से हो रही है कि मंडल के 41 डाकघरों में एक साल में 34590 आधार कार्डों में संशोधन कराए गए हैं।

आधार कार्ड बनाने का काम अब दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। केवल प्रधान डाकघर में रोजाना करीब 50 लोग आधार कार्ड बनवाने और उनमें संशोधन कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें हैरानी की बात यह है कि नए आधार कार्ड बनवाने वाले लोगों से ज्यादा संख्या उनमें संशोधन कराने वाले लोगों की है।

प्रवर डाक अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान भी लोग रोजाना करीब 50 की संख्या में आधार बनवाने व उनमें संशोधन करवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें अधिकांश गलतियां निजी संस्थानों एवं बैंक शाखाओं से बनवाने के दौरान हुई हैं, जो अब डाकघर के अधिकारियों को सही करनी पड़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि मंडल के 41 डाकघरों में यह सुविधा दी जा रही है, जिन पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अप्रैल 2019 से मार्च 2020 तक 15815 नए आधार कार्ड बनाए गए हैं। वहीं, संशोधन 34590 कराए गए हैं। 2020 में अप्रैल से जुलाई तक नए आधार 3586 व करेक्शन 7044 करवाए गए हैं।

भीड़ से डर रहे डाकघर के अधिकारी
कैंट स्थित प्रधान डाकघर में रोजाना भीड़ जुट रही है। कई बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी पूरी तरीके से नहीं हो पाता है। रोजाना भीड़ आने की वजह से डाकघर के अधिकारी भी कोरोना के चलते डरे हुए हैं। अधिकारियों का भी कहना है कि जिन लोगों ने सुविधा अनुसार प्राइवेट दुकानों पर आधार बनवाए हैं। उन दुकानदार द्वारा त्रुटि की गई है, जिसकी भरपाई अब हमें करनी पड़ रही है।

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